
बंगालियों में दुर्गा पूजा के बाद एक–दूसरे के घर जाने का चलन है, इस पंरपरा को विजया प्रणाम कहते है। जिसमें अपने से बड़ों के पैर छूकर उनका आर्शीवाद लिया जाता है। वहीं छोटो को आशिष दिया जाता है। यह कार्यक्रम कई दिनों तक चलता है, तकरीबन महिनेभर तक। इसमें लोग अपने पड़ोसियों के घर जाते हैं और रिश्तेदारों के घर भी जाते है।
इस दौरान घर आए मेहमान को मिठाई जरूर खिलाई जाती है, इसलिए इस दौरान बंगाली घरों में तरह–तरह की मिठाई बनाई जाती है। तो आज हम आपको ऐसी ही एक बंगाली मिठाई बनाना सीखा रहे है जो इस दौरान घरों में बनाई जाती है। आज हम आपको बता रहे है परवल से बनाने वाली मिठाई के बारे में। तो आइए जानें इसे बनाने का तरीका।
सामग्री
- परवल– 2 कप
- मावा– 2 कप
- चीनी– 1 कप
- मिल्क पाउडर– ¼ कप
- ग्रीन पिस्ता– कप
- बादाम– ¼ कप
- इलायची पाउडर– 1 चम्मच
- केसर– 4-5
विधि
परवल की मिठाई बनाने के लिए सबसे पहले मिक्सर लें और उसमें बादाम और पिस्ता डालें और मोटा पाउडर सा पीस लें।अब परवलों को छील लें और अच्छे से धो लें और एक तरफ से चिरा लगाते हुए काट लें।फिर गैस में मध्यम आंच पर एक कड़ाही चढ़ाए और उसमें पानी डालें और उबलने दें। साथ ही इसमें चिरा लगाए हुए परवल डालें और पांच मिनट तक उबालें। जब परवल उबल जाए तो गैस बंद कर दें और इसे पानी से निकाल लें और पानी को अच्छे से सोख लें। इस बात का ध्यान रखें कि इसमें पानी नहीं होना चाहिए, ये बिल्कुल सुखा होना चाहिए।गैस पर मध्यम आंच पर एक पैन चढ़ाए और इसे गर्म होने दें, जब पैन गर्म हो जाए तो इसमें मावा डालें और फ्राई करें। मावा को तब तक फ्राई करते रहे जब तक की वह हल्के गुलाबी रंग का ना हो जाए। जब मावा फ्राई हो जाए तो गैस बंद कर दें और मावे को ठंडा होने दें।मावा ठंडा हो पर इसमें बादाम और पिस्ता का पाउडर, इलायची पाउडर और केसर डालें और अच्छे से मिलाएं। अब इस मिश्रण को परवल के बंदर स्टफ करें।अब चाशनी बनानी होगी और इसके लिए चीनी और पानी को सही मात्रा में मिलाकर उबालने के लिए रखें। चाशनी पतली ही बनाएं। अब इस चाशनी में परवलों को डूबोएं और पांच मिनट के लिए रहने दें।फिर इन्हें निकाल लें और किसी जालीनुमा बर्तन में रखें, ताकि अतिरिक्त चाशनी निकल जाए। अब इसे चांदी की पन्नी से कवर करें। तैयार है आपकी परवल की मिठाई।