प्लास्टिक से बने तिरंगे का न हो इस्तेमाल : HC

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को ध्वज कोड और सरकार की सलाह के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एक सर्कुलर जारी किया। जिसमें सभी राज्यों को प्लास्टिक के बने तिरंगे का उपयोग न कराने की सरकार की सलाह के आदेश का अनुपालन करने को कहा। हाई कोर्ट की वेबसाइट पर सोमवार को रजिस्ट्रार जनरल रमेश चंद की तरफ से यह नोटिस जारी किया गया।


इसमें कहा कि नौ जनवरी को सरकारी सलाहकार द्वारा जारी की गई एडवाइजरी के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सलाहकारों को यह सुनिश्चित किया गया था कि राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के दौरान पेपर से बना तिरंगा ही उपयोग किया जाए न की प्लास्टिक वाले। 


एडवाइजरी में कहा था कि प्लास्टिक के झंडे कागज के झंडे की तरह जैव-वर्गीकृत नहीं होते हैं, इन्हें लंबे समय तक विघटित नहीं किया जाता है और ध्वज की गरिमा के अनुरूप प्लास्टिक के बने तिरंगे का उचित निपटान संभव नहीं है और यह व्यवहारिक समस्या है।सरकारी सलाह में राज्य सरकारों, संघ राज्य प्रशासन, भारत सरकार के सभी मंत्रालयों व विभागों के सचिवों को भारतीय ध्वज संहिता 2002 में निहित प्रावधानों और राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम 1971 का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था।


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