अधि‍वेशन में बोलीं सोनि‍या- कांग्रेस राहुल गांधी के साथ मिलकर आगे बढ़े

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को पार्टी के महाधिवेशन को संबोधित किया. अपने भाषण में राहुल ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में गुस्सा फैलाया जा रहा है, लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में एक-दूसरे को आपस में लड़वाया जा रहा है. पार्टी के अधिवेशन में बतौर अध्यक्ष राहुल गांधी का ये पहला भाषण था.  वहीं सोन‍िया गांधी ने भी अधि‍वेशन को संबोध‍ित क‍िया.


अधि‍वेशन में सोनि‍या गांधी बोलीं कि परिस्थ‍ितियों ने मुझे ऐसी दुनिया में आने को प्रेरित किया, जबकि मैं इस दुनिया में आना नहीं चाहती थी. 2003 में हमने सामान विचार वाली पार्ट‍ियों के साथ काम करना शुरू किया और 2004 में उसका रि‍ज्ल्ट हमें मिला. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की नेतृत्व हमारी 5 सालों की मेह‍नत ने हमें 2009 में और बड़ी जीत दिलाई. यूपीए सरकार में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी. सोनिया बोलीं कि अब वक्त आ गया है कि‍ कांग्रेस राहुल गांधी के साथ मिलकर आगे बढ़े.


साथ ही सोनिया ने मोदी सरकार पर जोरदार वार किया. सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार कमजोर कर रही है यूपीए की योजनाएं. मोदी सरकार साम दाम दंड भेद का इस्तेमाल कर कांग्रेस को नीचा करने का प्रयास कर रही है. लेकिन कांग्रेस कभी न झुकी है और न झुकेगी. सोनि‍या ने कहा क‍ि कुर्सी के लिए मोदी ने की झूठी नारेबाजी, कांग्रेस सिखाएगी सबक. सोन‍िया ने यह भी कहा क‍ि विपक्ष की आवाज दबा रही है मोदी सरकार.


राहुल ने कहा कि वह इस अधिवेशन में दो भाषण देंगे, इसलिए शुरुआती भाषण में वह थोड़ा बोलेंगे. उन्होंने कहा कि अपने समापन भाषण में वह लोगों की बात को सुनकर अपनी बात को रखेंगे.


उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा देश को जोड़ने की बात की है. हाथ के निशान की ताकत से ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है. राहुल ने कहा कि पार्टी नए तरीके से आगे बढ़ेगी, युवा लोग पार्टी को चलाएंगे लेकिन सीनियर नेताओं को साथ में लेकर ही पार्टी आगे बढ़ेगी.


राहुल ने कहा कि देश को सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही रास्ता दिखा सकती है. जब किसान, मजदूर, गरीब लोग मोदी सरकार की तरफ देखते हैं तो उन्हें रास्ता नहीं दिखता है. बीजेपी वाले गुस्से का प्रयोग करते हैं, लेकिन हमारी पार्टी प्यार से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि ये देश हर किसी का है, हर धर्म वाले का है. 

खड़गे ने कहा कि पिछले काफी समय से मैं चुनकर आ रहा हूं, क्योंकि कांग्रेस पार्टी मेरा साथ देती है. अगर कांग्रेस को कोई हरा सकता है, तो सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही हरा सकती है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी हमारी पार्टी के अंदर ही अलग होते हैं. एक-दूसरे को हराने की कोशिश करते हैं, मुख्यमंत्री बनने की कोशिश करते हैं. या फिर मंत्री बनने की सोचते हैं. हमें ये सब छोड़कर आगे बढ़ना होगा.


उन्होंने कहा कि यूपी के सीएम कर्नाटक में प्रचार कर रहे हैं, लेकिन अपना घर नहीं संभल रहा है. कांग्रेस पार्टी कर्नाटक में सरकार बनाएगी. जिस तरह बीजेपी और आरएसएस के लोग घर-घर जाकर प्रचार करते हैं, उसी तरह हमें भी काम करना होगा.


नेता नहीं कार्यकर्ताओं का अधिवेशन


अधिवेशन के दौरान मंच पर कोई भी नेता मौजूद नहीं रहेगा. पार्टी संदेश देना चाह रही है कि ये नेतृत्व नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं का अधिवेशन है. अधिवेशन में बूथ और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक प्रस्ताव पर बोलने का मौका मिलेगा. राहुल के भाषण के बाद ए.के. एंटनी राजनीतिक प्रस्ताव पेश करेंगे. इन प्रस्तावों में ईवीएम से बैलेट पर चुनाव, आरएसएस और बीजेपी देश के लिए नुकसानदेह, 2019 के लिए कांग्रेस की राजनीतिक दिशा पर चर्चा होगी.


राहुल ने बदला ट्विटर हैंडल


अधिवेशन शुरू होने से पहले राहुल ने ट्वीट कर सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया. अधिवेशन से ठीक पहले राहुल ने अपना ट्विटर अकाउंट @OfficeOfRG से बदलकर @RahulGandhi कर लिया. कांग्रेस ने अधिवेशन शुरू होने से पहले मोदी सरकार के खिलाफ 5 बुकलेट जारी की हैं. इन बुकलेट को कार्यकर्ताओं के बीच बांटा जाएगा.


इन मुद्दों पर है बुकलेट –


1.  युवा, नौकरी, महिला, अल्पसंख्यक


2. अर्थव्यवस्था


3. राष्ट्रीय सुरक्षा


4. मोदी सरकार की लूट


5. किसानों के मुद्दों पर

बैठक में बनी रणनीति


पार्टी के 84वें महाधिवेशन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इस विषय पर समिति की बैठक हुई. इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, जनार्दन द्विवेदी और पार्टी के प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया.


बैठक में महाधिवेशन के दौरान पारित किए जाने वाले चार प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया. इनमें राजनीतिक, आर्थिक, विदेशी मामलों तथा कृषि, बेरोजगारी एवं गरीबी उन्मूलन के प्रस्ताव शामिल हैं. पार्टी हर क्षेत्र पर अपना दृष्टिकोण रखेगी और वर्तमान परिदृश्य से उसकी तुलना करेगी.

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि इन चारों प्रस्तावों को चिंतन बैठक में अंतिम रूप दिया गया. उन्होंने कहा कि महाधिवेशन में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के विचार जानने के बाद उनके अनुरूप इनमें संशोधन करने के बाद ही पारित किया जाएगा.


गठबंधन पर पार्टी की योजना का संकेत


महाधिवेशन का समापन भी कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण से होगा, जिसमें वह आगामी चुनावों के लिए पार्टी की योजनाओं की दिशा तय करेंगे. सूत्रों ने कहा कि राजनीतिक प्रस्ताव में समान विचारों वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करने के बारे में पार्टी की योजना का संकेत मिलेगा. कांग्रेस बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए विपक्षी दलों का एक बड़ा मोर्चा बनाने का प्रयास करना चाहती है. संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रात्रि भोज में 20 विपक्षी दलों के नेताओं को बुलाकर इस दिशा में पहल की है.


सोनिया गांधी भी करेंगी संबोधित


सुरजेवाला ने कहा, ‘इस बार अन्य सत्रों की तुलना में महाधिवेशन अलग होगा क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष नेताओं की तुलना में कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देना चाहते हैं.’ कांग्रेस प्रमुख की बजाए ध्यान कार्यकर्ताओं पर केंद्रित होगा, जिन्हें पार्टी की भावी रणनीति के बारे में बोलने का मौका दिया जाएगा. महाधिवेशन को संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी भी संबोधित करेंगी.


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