केमिकल अटैक के 2 दिन बाद अब सीरिया पर 8 मिसाइल दागी गईं; रूस का इजरायल पर आरोप

दमिश्क. सीरियाई सेना ने दावा किया है कि इजरायल ने सोमवार सुबह उसके एयरबेस पर 8 मिसाइलें दागीं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी हमलों के पीछे इजरायल का हाथ बताया है। रूस की न्यूज एजेंसी आरआईए नोवेस्ती ने मंत्रालय के हवाले से बताया कि इजरायल के दो एफ-15 लड़ाकू विमानों ने लेबनान के हवाई क्षेत्र से सीरिया के एयरबेस पर हमला किया। मानवाधिकार संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, हमलों में कम से कम 14 ईरानी सैनिकों की मौत हुई है। इसे शनिवार को सीरियाई सरकार की ओर से किए गए केमिकल अटैक के बाद की कार्रवाई माना जा रहा है। इस हमले में 80 लोगों की मौत हो गई थी।


हमले पर इजरायल की चुप्पी

– इजरायल के अधिकारियों ने इन हमलों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, फरवरी में ईरानी ड्रोन के इजरायली सीमा में घुसने के बाद इजरायल ने कार्रवाई के तौर पर सीरिया स्थित ईरानी बेस को निशाना बनाया था। आमतौर पर सीरिया की स्थिति पर इजरायल का दखल नहीं रहा है, लेकिन ईरान के खिलाफ उसने कई बार कार्रवाई की बात कबूली है।


हमले वाली जगह रूसी सैनिक भी मौजूद


– न्यूज एजेंसी ने सीरियाई के सरकारी टेलीविजन के हवाले से बताया कि सोमवार तड़के होम्स शहर के टर्मिनल 4 एयरफील्ड में जोरदार धमाके सुनाई दिए। 

– टेलीविजन ने सीरिया के एक सैन्य सूत्र के हवाले से कहा कि एयरबेस पर 8 मिसाइल दागी गई हैं। हमले वाले इलाके में बड़ी तादाद में रूसी सैनिक भी मौजूद हैं।


कई लोगों की मौत का दावा


-ब्रिटेन स्थित सीरियाई संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फाॅर ह्यूमन राइट्स का दावा है कि हमले में 14 ईरानी सैनिक मारे गए हैं।


– हालांकि, कुछ खबरों में आम नागरिकों समेत रूसी सैनिकों के मारे जाने का भी दावा किया गया है।


अमेरिका ने हमले से किया इनकार

– अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने कहा कि सीरिया में हवाई हमले में उसका कोई हाथ नहीं है।


शनिवार को जहरीली गैस वाला बम गिराया था

– सीरिया के विपक्ष समर्थक गोता मीडिया सेंटर ने कहा था कि शनिवार को डोम शहर में हेलिकॉप्टर से जहरीली गैस सरीन भरा बैरल बम गिराया गया। हमले में 75 से ज्यादा लोगों का दम घुट गया, हजारों लोगों को सांस लेने में तकलीफ है।

– हमले के बारे में सीरिया सरकार और रूस का कहना है कि केमिकल अटैक की खबर झूठी है।


ट्रम्प ने कहा था- नासमझी भरा कदम

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि सीरिया में रासायनिक हमला बिना सोचे-समझे किया गया। इसमें कई महिलाओं और बच्चों की मौत हुई। रूस और ईरान सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को समर्थन देने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्हें इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी होगी।


सीरिया में क्या है विवाद?


– जुलाई 2011 में सीरियाई सेना के कुछ अफसरों ने असद सरकार खिलाफ बगावत कर दी। एक अलग सैन्य गुट बना लिया।

– दिसंबर 2011 से 2012 तक देश में जगह-जगह फिदायीन हमले हुए। अलकायदा के लीडर अयमान अल जवाहिरी ने सीरियाई लोगों से जिहाद के लिए आगे आने की अपील की।


– बीते 3 साल में आईएस ने भी यहां अपने आतंकी भेजने शुरू कर दिए।

– 2013 में यहां की सरकार पर पहली बार विद्रोहियों पर जहरीली गैस का इस्तेमाल करने का आरोप लगा।

– प्रेसिडेंट असद के खिलाफ शुरू हुए हिंसक प्रदर्शनों और संघर्ष में अब तक करीब 4 लाख लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।


सीरिया में कौन किसके साथ?

– असद के लिए सीरिया डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एसडीएफ) को रूस और ईरान सपोर्ट कर रहे हैं। 

– अमेरिका पर आरोप है कि वह असद के खिलाफ विद्रोहियों की मदद कर रहा है।

– हालांकि, रूस और अमेरिका कहते रहे हैं कि उनका एक ही दुश्मन आईएसआईएस है।


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