पीएम मोदी ने अंबेडकर स्मारक का किया उद्घाटन, बोले- भ्रम फैलाती है कांग्रेस

नई दिल्ली । बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री मोदी ने राजधानी दिल्ली में डॉ. अंबेडकर नेशनल मेमोरियल का उद्घाटन किया। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो की यात्रा की। स्मारक की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने ही 21 मार्च 2016 को रखी थी। दो साल में इसका निर्माण पूरा कर लिया गया।

देश की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी न बाबा साहब की याद में निर्मित स्मारक को देश को समर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहब की याद में बना यह स्मारक उन्हें देश की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि है। उन्होंन कहा कि करोड़ों देशवासियों को आज डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक के रूप में एक अनमोल उपहार मिला है, इसके लिए सभी को बहुत-बहुत बधाई। पीएम ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद बहुत सरकारें आईं लेकिन जो कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था वह काम दशकों के बाद आज हो रहा है। पीएम ने यह भी कहा कि यह इमारत दिव्य भी है और भव्य भी है।

संबोधन की बड़ी बातें 

-बाबा साहब के महान कर्मों का, देश के लिए उनकी सेवा का फल है कि एक परिवार की पूजा करने वाले, उस परिवार को देश का भाग्यविधाता समझने वाले, अब दिल पर पत्थर रखकर बाबा साहब का नाम ले रहे हैं- पीएम मोदी 

-भाजपा की वजह से बाबा साहब को भारत रत्न मिला। कांग्रेस ने राष्ट्र निर्माण के योगदान को भूलाने की कोशिश की- पीएम मोदी

-कांग्रेस ने पूरी शक्ति लगा दी थी देश के इतिहास से बाबा साहब का नामो-निशान मिट जाए- पीएम मोदी

-स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस ने इकोसिस्टम ऐसा बनाया कि देश का इतिहास सिर्फ एक परिवार के इर्द-गिर्द सिमटकर रह गया। जिसने कांग्रेस के इकोसिस्टम के आगे घुटने नहीं टेके, उसे किताबों तक में जगह नहीं मिली-पीएम मोदी 

-बाबा साहब ने कांग्रेस का असली चरित्र देश के सामने रखा। कांग्रेस आरोपों से घिरती है तो सामने वाले व्यक्ति को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए साम-दाम-दंड-भेद, हर तरह से साजिश रचने लगती है- पीएम मोदी 

-विवादों की वजह से बाबा साहब ने नेहरू जी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। अपने बयान में बाबा साहब ने एक-एक करके अपनी तकलीफों का जिक्र किया था- पीएम मोदी 

-कांग्रेस संसद नहीं चलने दे रही। 70 साल बाद भी कांग्रेस OBC कमीशन को रोक रही है- पीएम मोदी 

-बाबा साहब के साथ कांग्रेस ने बुरा बर्ताव किया, देश सिर्फ एक परिवार के इर्द-गिर्द सिमटा। हमने पटेल और बाबा साहब के स्मारक बनवाए हैं- पीएम मोदी 

-बाबा साहब के जीवित रहते और उनके निधन के बाद भी कांग्रेस ने बाबा साहब का अपमान करने में कोई असर नहीं छोड़ी थी- पीएम मोदी 

-एससी-एसटी एक्ट में अग्रिम जमानत न देने का प्रावधान पहले जैसा ही रहेगा- पीएम मोदी

-एससी-एसटी पर अत्याचार से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया जा रहा है। सरकार ने पिछड़ी जातियों के सब-कैटेगरी के लिए कमीशन के गठन का निर्णय भी किया है- पीएम मोदी 

-दलितों पर होने वाले अत्याचारों को लेकर हमारी सरकार ने कड़े कानून बनाए। दलितों के खिलाफ 47 अपराधों पर अब कड़ी कार्रवाई, पहले 22 थी- पीएम मोदी 

-दलितों पर होने वाले अत्याचारों पर सख्त एक्शन का दायरा बढ़ाया गया है। सरकार कानून को और मजबूत करेगी- पीएम मोदी

पीएम के साथ सेल्फी

स्मारक को पुस्तक का आकार दिया गया है

बता दें कि केंद्रीय मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने के बाद डॉ. अंबेडकर दिल्ली विधानसभा के नजदीक सिरोही के महाराज के इस घर में रहने लगे थे। जहां 6 दिसंबर 1956 को वह महापरिनिर्वाण को प्राप्त हुए थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2 दिसंबर 2003 को इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। करीब 200 करोड़ की लागत में बने इस स्मारक को पुस्तक का आकार दिया गया है, जो संविधान का प्रतीक है। इस इमारत में एक प्रदर्शनी स्थल, बुद्ध की प्रतिमा के साथ ध्यान केंद्र व डॉ. अंबेडकर की 12 फुट ऊंची प्रतिमा है।

दलितों को वोट बैंक नहीं समझते

प्रवेश द्वार पर 11 मीटर का अशोक स्तंभ भी है। यह इमारत पर्यावरण हितैषी है। इसमें सीवेज शोधन संयंत्र, वर्षा जल सिंचाई प्रणाली व सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित है। संग्रहालय में मल्टी मीडिया तकनीक के माध्यम से अंबेडकर के जीवन और आधुनिक भारत को उनके योगदान की जानकारी मिलेगी। इस बारे में केंद्रीय मंत्री व चांदनी चौक के सांसद डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री दलितों को वोट बैंक नहीं समझते और चार साल के भीतर बाबा साहेब के नाम पर पांच तीर्थस्थल बना दिए।  

6 दिसम्‍बर 1956 को ली आखिरी सांस 

भारत रत्‍न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्‍म मध्‍य प्रदेश में महू में 14 अप्रैल 1891 को हुआ था और वह स्‍वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री थे। वह 1 नवम्बर 1951 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्‍तीफा देने के बाद , 26, अलीपुर रोड दिल्‍ली में सिरोही के महाराजा के घर में रहने लगे जहां उन्‍होंने 6 दिसम्‍बर 1956 को आखिरी सांस ली और महापरिनिर्वाण प्राप्‍त किया। यहीं पर स्मारक बना है।  




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