कर्नाटक चुनाव 2018: कांग्रेस की इस ग़लती ने पक्की की येदियुरप्पा की जीत!

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और जेडी (एस) प्रमुख एच.डी कुमारस्वामी अपनी-अपनी सीटों को जीतने के लिए जहां पसीना बहा रहे हैं. वहीं इनके चिर-प्रतिद्वंदी बी.एस येदियुरप्पा शिमोगा की शिकारपुरा सीट की जीत के लिए एकदम आश्वस्त और बेफिक्र हैं.


शिमोगा के लोकल नेता ये उम्मीद कर रहे थे कि कांग्रेस येदियुरप्पा के सामने किसी मज़बूत उम्मीदवार को उतारेगी. लेकिन जब लिस्ट आई तो सभी लोगों को ताज्जुब हुआ की बीजेपी के स्टार कैंडिडेट येदियुरप्पा के सामने कांग्रेस ने एक निगम सदस्य जीबी मालतेश को उतारा है, जिन्हें लोग गोनी मालतेश भी बुलाते हैं. मालतेश को शिमोगा जिले तक में कोई अच्छे से नहीं जानता और अगर येदियुरप्पा से तुलना की जाए तो वो राजनीति में कुछ नहीं है.


जबकि शिकारपुरा एक लिंगायत बहुल सीट है तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि येदियुरप्पा के सामने किसी मज़बूत लिंगायत नेता को ही इस सीट पर उतारा जाएगा. इस सीट के लिए पूर्व विधायक महालिंगप्पा और शांतावीरप्पा गौड़ा के नाम सामने आ रहे थे. महालिंगप्पा ने 1999 में येदियुरप्पा को कांग्रेस टिकट से हराया था, जबकि शांतावीरप्पा गौड़ा येदियुरप्पा के बेटे रागवेन्द्र से 2014 उप-चुनावों में लगभग 6000 वोटों से हारे थे.


शांतावीरप्पा कुछ दिन पहले ही बीजेपी में वापस आ गए, लेकिन कांग्रेस नेताओं को उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें वापस लाने की कोशिश करेगी. सिद्धारमैया कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार को शिकारपुरा सीट से उतारने की योजना में थे, इस सीट की उम्मीदवारी में मालतेश का नाम कहीं भी नहीं था ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात पर काफी बहस भी चल रही है.


एक लोकल कांग्रेस समर्थक रमेश अपन्ना ने कहा "कांग्रेस पार्टी ने शिकारपुरा सीट को येदियुरप्पा के लिए बेहद आसान बना दिया है. मालतेश को कोई नहीं जानता और वो कुरबा है, लिंगायत नहीं. हम जानते है येदियुरप्पा को हराना आसान नहीं है लेकिन कांग्रेस पार्टी को किसी मज़बूत उम्मीदवार के साथ मैदान में उतरना चाहिए. पार्टी ने हमें निराश किया है."


शिमोगा के कांग्रेस अध्यक्ष टीएन श्रीनिवास ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि एक कुरबा उम्मीदवार येदियुरप्पा के सामने पिछड़ी जातियों और एससी/एसटी वोटों को काटेगा.


दूसरी ओर जेडी(एस) ने कांग्रेस की तुलना में येदियुरप्पा के सामने काफी मजबूत लिंगायत उम्मीदवार एचटी बालिगर को उतारा है. बालिगर शिकारपुरा सीट पर पूरे जोर-शोर से प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं. सोरबा विधायक और जेडी (एस) नेता बंगारप्पा ने न्यूज़18 को बताया कि बालिगर, येदियुरप्पा को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा "1999 में मेरे पिता एस बंगारप्पा ने येदियुरप्पा और ईस्वरप्पा दोनों को हराया था. हमें भरेसा है कि इस बार येदियुरप्पा को जीत के लिए काफी पसीना बहाना पड़ेगा."


बीजेपी विधायक और येदियुरप्पा के बेटे बी.वाय रागवेन्द्र अपने पिता की विधानसभा में सारा प्रचार अभियान हैंडल कर रहे हैं. उम्मीद है येदियुरप्पा चुनाव के आस-पास ही यहां प्रचार करेंगे.

Leave a Reply