अनाथ आश्रम में रेप का मामला: सेवानिवृत्त प्रोफेसर और उसकी बेटी को उम्रकैद की सजा

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के शिवपुर की एक विशेष अदालत ने अनाथ आश्रम में नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार करने और उन पर अत्याचार करने के मामले में 79 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर और उसकी बेटी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. विशेष न्यायाधीश अरुण कुमार वर्मा ने सरकारी कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर के एन अग्रवाल और अनाथ आश्रम संचालित करने वाली उसकी अधिवक्ता बेटी शैला अग्रवाल को अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अब दोनों को ताउम्र जेल में ही रहना होगा. इसके अलावा, न्यायाधीश वर्मा ने दोनों आरोपियों पर 16-16 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है.
अभियोजन के अनुसार वर्तमान घटना सामने आने के काफी पूर्व से अभियुक्त शैला अग्रवाल शंकुतला परमार्थ समिति शिवपुरी का संचालन किया करती थी, जहाँ बालगृह के रूप में बालिकायें संरक्षित रखी जाती थीं. बाल कल्याण समिति और बाल संरक्षण अधिकारी को इस संस्था में संरक्षित अवयस्क बालिकाओं का यौनशोषण किए जाने, मारपीट व अन्य शारीरिक दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी.
इस संबंध में 16 नवंबर 2016 को आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हुआ. अभियोजन के अनुसार इस आश्रम में 23 बालिकाएं रहती थीं जिनमें से छह ने उनके साथ दुष्कर्म किए जाने की बात कही. इस खुलासे के बाद शैला और उसके पिता को गिरफ्तार कर इस आश्रम को सील कर दिया गया था. (इनुपट भाषा से)
