नेपाल जाने से पहले बोले PM मोदी- पड़ोसी हमारे लिए खास, इन चीजों पर रहेगी नजर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पड़ोसी देश नेपाल जा रहे हैं. उनकी दो दिन की इस यात्रा को भारत-नेपाल संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि उनकी यात्रा भारत के सहयोग से चल रही प्रमुख परियोजना के त्वरित कार्यान्वयन तथा भरोसा बनाने पर केंद्रित रहेगी.
प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान भारत चाहेगा कि उसके प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की अगुवाई वाली नयी सरकार के साथ संबंध मजबूत हों. कई साल की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद ओली वहां एक स्थिर सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस यात्रा को लेकर ट्वीट किया और कहा, 'मैं नेपाल के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर 11-12 मई 2018 को नेपाल जा रहा हूं. प्रधानमंत्री के रूप में नेपाल की यह मेरी तीसरी यात्रा होगी. यह भारत की उच्च प्राथमिकता को दर्शाता है और व्यक्तिगत रूप से मैं भी नेपाल के साथ अपने पुराने, करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों से जुड़ा हूं.'
पीएम मोदी ने कहा- नेपाल है खास
पीएम मोदी ने लिखा कि मेरा यह दौरा नेपाल के प्रधानमंत्री ओली के भारत दौरे के एक महीने बाद हो रहा है. उल्लेखनीय है कि नेपाल के प्रधानमंत्री ओली महीना भर पहले भारत की यात्रा पर आए थे. 'सबका साथ और सबका विकास' की नीति की ही तरह ये उच्च स्तरीय और नियमित बातचीत इस बात को दर्शाती है कि हमारी सरकार 'पड़ोस प्रथम' नीति को लेकर कितनी प्रतिबद्ध है. साथ ही, दोनों देशों ने पिछले कुछ वर्षों में कई द्विपक्षीय कनेक्टिविटी और विकास परियोजनाएं पूरी की हैं और दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए परिवर्तनकारी पहलों की शुरुआत की है.
किन जगहों पर जाएंगे पीएम मोदी?
उन्होंने बताया, 'इस दौरे पर प्रधानमंत्री ओली और मुझे पारस्परिक हित के मुद्दों पर नई दिल्ली में हुई हालिया चर्चा को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा. विभिन्न क्षेत्रों में हमारी सहकारी साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा.' साथ ही उन्होंने कहा कि वह काठमांडू के अलावा तीर्थयात्रियों को आकर्षित करने वाले जनकपुर और ऐतिहासिक शहर मुक्तिनाथ भी जाएंगे.
जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी 11 मई को सुबह 9:30 बजे दिल्ली से पटना हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे. यहां से वह भारतीय वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर से जनकपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. जनकपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत नेपाल के रक्षामंत्री ईश्वर पोखरेल और प्रदेश – 2 के मुख्यमंत्री लालबाबू रावत करेंगे.
जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे पीएम मोदी
जनकपुर एयरपोर्ट से रवाना होकर मोदी सीधा जानकी मंदिर पहुंचेंगे जहां पर उनका स्वागत प्रधानमंत्री केपी ओली करेंगे. जानकी मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी विशेष पूजा- अर्चना करेंगे, जो तकरीबन 30 मिनट तक चलेगी. जानकी मंदिर के पुजारी पंडित विश्वनाथ का कहना है कि मोदी को 12 पुजारी एक साथ पूजा- अर्चना करवाएंगे.
बस सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे पीएम मोदी
विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रधानमंत्री मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली रामायण सर्किट को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे. गौरतलब है कि रामायण सर्किट बनाना प्रधानमंत्री मोदी का सपना है जिसमें जनकपुर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. मंदिर से ही दोनों देश के प्रधानमंत्री जनकपुर से अयोध्या के लिए जो नई बस सेवा शुरू हो रही है उसे हरी झंडी दिखाएंगे और रवाना करेंगे.
बता दें कि मोदी की नेपाल की यह तीसरी यात्रा और नेपाल की नई सरकार बनने के बाद भारत से यह पहली उच्चस्तरीय यात्रा होगी. यात्रा के दौरान, मोदी ओली, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति तथा नेपाल की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि इससे इन दो पड़ोसी देशों के बीच 'भरोसा और मजबूत' होगा. जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी काठमांडू में 2 मधेसी दल के नेताओं से भी मिलेंगे.
चीन विभिन्न ढांचागत परियोजनाओं की पेशकश के साथ नेपाल में अपनी पैठ मजबूत बनाने का प्रयास कर रहा है. भारत विभिन्न परियोजनाओं के साथ उसकी तोड़ निकालना चाहता है. मोदी शुक्रवार को बिहार से हेलीकाप्टर के जरिए नेपाल पहुंचेंगे. मोदी व ओली अनेक समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. इसके साथ ही प्रस्तावित 'रामायण सर्किट' पर भी कोई घोषणा की जा सकती है. काठमांडू में मोदी पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा व पुष्प कमल दहल से भी मुलाकात करेंगे.
