शिक्षा संकुल से निकाले गए पेपर में 1.22 करोड़ की डील का पता चला

जयपुर। रीट पेपर लीक केस की परतें दिन-प्रतिदिन खुलती जा रही है। पेपर लीक के बाद इसको लेकर 1 करोड़ 22 लाख रुपये का लेनदेन होना सामने आया है। एसओजी ने इस मामले में शिक्षा संकुल से पेपर चोरी करने वाले मुख्य आरोपी रामकृपाल मीणा को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही उससे पेपर लेने वाले उदाराम पर भी एसओजी ने शिकंजा कस दिया है। पेपर लीक केस में अब तक 35 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
 एसओजी पूरे मामले की पड़ताल करने में जुटी है। जांच का दायरा व्यापक होने के साथ ही अभी इसमें और भी खुलासे होने की संभावनाये जताई जा रही है। अतिरिक्त महानिदेशक एटीएस एवं एसओजी अशोक राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर बताया कि पेपर लीक केस मामले में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। राठौड़ ने बताया कि इस मामले में अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मामले में तफ्तीश जारी है। एसओजी अब इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही है कि पेपर किस किस के पास पहुंचा था। किस-किस ने इस पेपर से फायदा उठाया है। एसओजी उन तमाम लोगों की जानकारी जुटाकर उन लोगों को डिसक्वालीफाई करवाएगी। रीट परीक्षा पेपर आउट प्रकरण के मुख्य आरोपी भजनलाल को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। भजनलाल से अनुसंधान करने पर सामने आया कि रीट का पेपर भजनलाल विश्नोई को उदाराम विश्नोई पुत्र जगराम निवासी ग्राम रणोदर तहसील चितलवाना जिला जालोर की ओर से दिया गया था। उदाराम को रामकृपाल मीणा पुत्र नोनदाराम निवासी जगन्नाथपुरी, गोपालपुरा बाइपास जयपुर की ओर से शिक्षा संकुल जयपुर में स्थित पेपर संग्रहण केन्द्र से परीक्षा से पूर्व 25 सितंबर 2021 को ही पेपर निकालकर दे दिया गया था। राठौड़ ने बताया कि रीट परीक्षा-2021 का पेपर आउट करने वाले गिरोह का पूरा पर्दाफाश हो गया है। एसओजी अब उदाराम और रामकृपाल मीणा से गहन पूछताछ कर रही है। प्रकरण से जुड़े गिरोह के अन्य अभियुक्तों और लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त की जा रही है।
 

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