ताजपोशी से पहले रात भर कर’नाटक’, साढ़े 3 घंटे की कहानी

कर्नाटक के सीएम के तौर पर आज येदियुरप्पा ने शपथ ले लिया है. हालांकि इससे पहले उनकी ताजपोशी को लेकर बुधवार रात भर काफी सियासी गहमागहमी रही. कांग्रेस शपथ ग्रहण समारोह रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई. जानें कब क्या हुआ….
रात 09.40 बजे: कर्नाटक के राज्यपाल ने येदियुरप्पा को दिया सरकार बनाने का न्योता. 15 दिन में साबित करना होगा बहुमत.
रात 10.40 बजे : कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक में नई सरकार के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की मांग की.कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची, मुख्य न्यायाधीश लेंगे कांग्रेस की याचिका पर फैसला. सुप्रीम कोर्ट में पहुंचकर अभिषेक मनु सिंघवी के साथ कांग्रेस के वकीलों ने अर्जी दाखिल की.
रात 11 बजे: सुप्रीम कोर्ट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने CJI के घर पहुंचकर कांग्रेस की अर्जी की जानकारी दी. रात 12:25 बजे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम CJI के घर पहुंची
रात 1:05 बजे: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए रात 1 बजकर 45 मिनट का वक्त तय किया, सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस ने 3 जजों की बेंच तय की
रात 1:40 बजे: दोनों पक्षों के वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, बीजेपी की तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी पेश हुए.
रात 2 बजे: कर्नाटक मामले में 15 मिनट की देरी से शुरू हुई सुनवाई
रात 2.10 बजे: अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
05.16 AM: सुप्रीम कोर्ट में बहस पूरी हो गई है, कोर्ट में फैसला लिखा जा रहा है.कोर्ट ने येदियुरप्पा को 15 और 16 मई की समर्थन चिट्ठी को भी जमा कराने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक और यूनियन ऑफ इंडिया सहित सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है. 05.30 AM: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शुक्रवार सुबह 10.30 बजे दोबारा सुनवाई होगी. साथ ही कोर्ट ने बीजेपी से समर्थक विधायकों की लिस्ट भी मांगी है. येदियुरप्पा की शपथ को सुप्रीम कोर्ट से भी हरी झंडी मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम शपथ ग्रहण को नहीं टालेंगे.
इससे पहले कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की. जेडीएस और कांग्रेस ने राज्यपाल को 117 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा. इसमें 78 कांग्रेस, 37 जेडीएस, एक बसपा और एक निर्दलीय विधायक के हस्ताक्षर हैं. आपको बता दें कि कर्नाटक में 222 सीटों पर मतदान हुआ था, इस हिसाब से बहुमत के लिए 112 विधायकों का समर्थन ही चाहिए. जबकि बीजेपी के पास सिर्फ 104 विधायक हैं.
