तूतीकोरिन: 20 साल से चल रहा कॉपर प्लांट, ये है विरोध की असली वजह

तमिलनाडु का तूतीकोरिन. यहां वेदांता की स्टरलाइट यूनिट (कॉपर प्लांट) से हो रहे प्रदूषण के खिलाफ पिछले 100 दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन मंगलवार को प्रदर्शन अचानक हिंसक हो उठा. उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां चलाईं और फायरिंग की. इसमें 12 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई. जबकि 60 घायल हैं. आखिर ये पूरा विवाद क्या है और क्यों इसके खिलाफ लोग सड़कों पर है आइए जानते हैं….
इस प्लांट से मार्च 2013 में गैस भी लीक हुई थी, इसके बाद जयललिता ने इसे बंद करने का भी आदेश दिया था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
इसके बाद राज्य सरकार ने मिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) से पिछले साल पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करने के लिए कंपनी को रिन्यूअल न देने की अपील की. इस अपील के खिलाफ आगामी 6 जून हो सुनवाई होनी बाकी है.
लोग स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को बंद कराने के लिए सड़कों पर उतर आए. तभी अचानक यह मार्च हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. रास्ते में खड़ी गाड़ियों और कई बिल्डिंग में आग भी लगा दी.
हिंसा में 12 लोगों की मौत हो गई, शहर में अब भी तनाव है और धारा 144 लगा दी गई है. आसपास के जिलों मदुरई और विरुधुनगर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया.
