देश में सबसे अलग होगा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, 27 को PM मोदी करेंगे उद्घाटन, देखें तस्वीरें

बागपत में उम्मीदों का ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) उद्घाटन के लिए तैयार हैं। कई राज्यों के वाहनों को दिल्ली में एंट्री की जरूरत नहीं पड़ेगी। जाहिर है दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम होगा। बड़ी आबादी की आवाजाही भी दिल्ली में नहीं होगी। खेकड़ा में रेलवे ओवर ब्रिज, मिनी टोल प्लाजा, सोनीपत में टोल प्लाजा समेत कई जगहों पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है। 

कई खास बातें, इसे देश का सबसे अलग एक्सप्रेस-वे साबित करती हैं। निर्माण में 4617.87 करोड़ रुपये खर्च हुए। कुल 9375 वर्करों ने इस पर कार्य किया। एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड वाहन चलाने पर ऑटो चालान कटेगा। वाहन चालक जैसे ही एक्सप्रेस-वे से एग्जिट करेगा, तभी चालान का शुल्क अदा करना होगा। अकेले बागपत की बात करें तो 2221 किसानों की जमीन का अधिग्रहण इसके निर्माण में किया गया। 27 मई को पीएम नरेंद्र मोदी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। एक्सप्रेस-वे से जिले के विकास को भी नए पंख लग सकते हैं।

एक्सप्रेस-वे के खास तथ्य

लंबाई            135 किमी

बड़े पुल        04

छोटे पुल        46

रेल ब्रिज        08

इंटरचेंज        07

फ्लाईओवर        03

पैदल अंडरपास                   151

वाहन अंडरपास                   70

भूमिगत पुलिया                   114

मुख्य टोल प्लाजा     02

दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाए गए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पूरी तरह एक्सिस कंट्रोल रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड़, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए अब लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रहेगी। वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के साथ मिलकर यह दिल्ली के चारों तरफ रिंग रोड बन जाएगा। दिल्ली मेें प्रदूषण के अलावा आसपास के राज्यों के वाहनों का बोझ कम होगा।

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सपे्रस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। काठा, मवीकलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलमगिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। मवीकलां में इंटरचेंज बनाया गया है, जिससे बागपत ही नहीं शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और गाजियाबाद के लोगों को भी बड़ा लाभ होगा। गढ़-सोनीपत हाइवे पर वाहनों का बोझ एक्सप्रेस-वे के शुरू हो जाने के बाद कम होगा।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वालों के लिए खास सुविधाओं का इंतजाम रहेगा। 135 किमी के टुकड़े में आठ जगह हाइवे नेस्ट होंगे, जिनमें जलपान और खानपान की सुविधाएं मिलेगी। सोलर पावर और ड्रिप सिंचाई की वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा। ओवरलोड वाहन एक्सप्रेस-वे नहीं चल सकेंगे, ऐसे वाहनों को एग्जिग गेट से बाहर कर दिया जाएगा। आठ सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं। एक्सप्रेस-वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस रहेगी।

– दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवीकलां में

– दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई में

– दिल्ली-हापुड़ मार्ग पर डासना में

– गाजियाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर बील अकबरपुर में

– कसाना-बुलंदशहर मार्ग पर सिरसा गांव के निकट

– अटाली-चेनसा मार्ग पर मौजपुर में

– दिल्ली-आगरा मार्ग पर पलवल में

एक्सप्रेस-वे पर सोनीपत के सेवली गांव में 170 फीट ऊंचा टोल प्लाजा बनाया गया है। इसमें डिजीटल आर्ट गैलरी होगी, जो एक्सप्रेस-वे की तस्वीरें और जरूरी सूचनाएं दिखाएंगी। देश में यह अपनी तरह का पहला टोल प्लाजा है।

ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर 2,60,296 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। इनमें 187510 बड़े और 72,786 मध्यम साइज के पेड़ होंगे।

एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वार्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन के अलावा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की सुविधा होगी। कंट्रोल रूम में सूचना उपलब्ध होंगी।

एक्सप्रेस-वे पर देश के 32 स्मारकों की प्रतिकृति हैं। अशोक स्तंभ, कोणार्क मंदिर, जलियावाला बाग, अशोक चक्र, गेटवे ऑफ इडिया, कुतुबमीनार, चार मीनार, लाल किला, कीर्ति स्तंभ, इंडिया गेट, हवा महल और गुजरात कार्विंग की प्रतिकृति स्थापित की गई है।

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