2019 के लिए अन्नदाताओं को साधने पर कांग्रेस की नजर, 6 जून को किसान रैली से शुरुआत करेंगे राहुल गांधी

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ किसानों में महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक सामने आए किसानों के रोष पर कांग्रेस की निगाहें भी टिक गई हैं। देश में सबसे बड़ा वोट बैंक कहे जाने वाले किसानों को अपने पक्ष में साधकर 2019 लोकसभा चुनावों में अपनी राह आसान करने पर कांग्रेस की निगाहें टिक गई हैं। इसके लिए कांग्रेस किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर पूरे देश में आंदोलन छेड़ते हुए ब्लॉक व पंचायत स्तर तक उठाकर सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गई है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का मंदसौर दौरा यूं तो किसानों के दस दिन गांव बंद कार्यक्रम के पहले ही तय हो गया था, लेकिन छह जून को किसान रैली से कांग्रेस इसे और व्यापक रूप देने जा रही है। विदेश से 4 या 5 जून को लौट रहे राहुल गांधी ने मंदसौर में किसान रैली में पहुंचने की जानकारी ट्वीट पर देते हुए लिखा है कि हमारे देश में हर रोज 35 किसान आत्महत्या करते हैं। कृषि क्षेत्र पर छाए संकट की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान ले जाने के लिए किसान भाई दस दिनों का आंदोलन करने पर मजबूर हैं।


उन्होंने लिखा है कि हमारे अन्नदाताओं की हक की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने के लिए छह जून को मंदसौर में किसान रैली को संबोधित करूंगा। राहुल ने ट्वीट के साथ ही आंदोलनरत किसानों की फोटो भी अटैच की है। दरअसल कांग्रेस की योजना है कि किसानों की आत्महत्या, कर्ज माफी और लागत से पचास फीसदी अधिक समर्थन मूल्य दिलाने के सरकारी वादे आदि के मामले में विफल बताकर मोदी सरकार को घेरा जाए। 


2022 की समयसीमा पर भी करेगी घेराव


कांग्रेस किसानों की आमदनी दो गुनी करने को लेकर मोदी सरकार की तरफ से दी जाने वाली वर्ष 2022 की समय सीमा पर भी उसे घेरेगी। कांग्रेस प्रवक्ता डा. अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि चार सालों तक किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। अब जब लोकसभा चुनाव तक किसानों की एक या डेढ़ ही फसल होनी है तो सरकार समर्थन मूल्य को लागत का डेढ़ गुना देने की बात कह रही है, जबकि 2018 तक किसी भी फसल पर लागत का डेढ़ गुना नहीं दिया गया है। 

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