बलिया में बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, डेढ़ लाख जच्चा-बच्चा केन्द्र बनेंगे ‘निरोग केन्द्र’

बलिया, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि 2022 तक देश भर के डेढ़ लाख सब सेंटरों (जच्चा-बच्चा केन्द्र) को निरोग केन्द्र के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा। इन केन्द्रों पर डायबिटिज व कैंसर समेत 12 प्रकार की बीमारियों की जांच व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होगी। इससे देश की लगभग सवा अरब की आबादी को बड़ा लाभ मिलेगा।
बलिया शहर से सटे सहरसपाली में अखंड ज्योति हॉस्पीटल 'रजनी कांत केन्द्र' का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पहले रोगी बनने के बाद उसके उपचार की व्यवस्था सरकार करती थी। मौजूदा सरकार कोई रोगी बने ही नहीं, इस दिशा में काम कर रही है। स्वास्थ्य का बजट बढ़ाओ, लोगों का खर्च घटाओ योजना के तहत 'आयुष्मान भारत' योजना की शुरूआत की गयी है। मुफ्त में डाइलसिस की व्यवस्था की गयी। अबतक 2.53 लाख लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। तीन हजार 666 नयी डायलसिस मशीनें लगायी गयी हैं। इनमें से करीब 500 मशीनें जिला अस्पतालों में हैं।
प्रदेश सरकार की पीठ थपथपाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी पिछड़ा राज्य हुआ करता था। अब यह छलांग लगाकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। योगी के नेतृत्व में सरकार बेहद संजीदगी से योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। खासकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। इसके नतीजे जल्द ही देखने को मिलेंगे।
नड्डा ने नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत को अपने पिता के नाम पर आंख अस्पताल स्थापित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए आह्वान किया कि देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसे केन्द्र स्थापित करें। भरोसा दिया कि इस पुनीत कार्य में केन्द्र व प्रदेश सरकार हरसंभव मदद करेगी। कहा कि नि:स्वार्थ सेवा हमारी परम्परा रही है। इसे आगे बढ़ाना होगा। सबकुछ सरकार ही करेगी, इस सोच से हटकर व्यक्ति व संस्थाएं खुद का भी योगदान करें तो काया-कल्प हो जाएगा। समारोह को केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी संबोधित किया।
