गया गैंगरेप: सात आरजेडी नेताओं पर पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप, मामला दर्ज

गया बिहार के गया जिले में आरजेडी पार्टी के दो विधायकों समेत सात लोगों पर 15 साल की रेप पीड़िता की पहचान जाहिर करने और जबरदस्ती फोटो खिंचवाने के मामले में केस दर्ज किया गया है। बता दें कि सोशल मीडिया एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें आरजेडी नेता पीडि़ता को जबरदस्ती गाड़ी से उतारने के लिए कह रहे हैं। यहां पीडि़ता छात्रा अनुग्रह नारायन मगध मेडिकल कॉलेज में परीक्षा देने के लिए आई थी। पीडि़ता के बार-बार मना करने के बावजूद उससे ऐसा करने के लिए कहा जा रहा था।
पीडिता के अनुसार, वह बार-बार बोल रही थी कि, 'प्लीज मुझे गाड़ी से बाहर मत निकालिए। मैं तब तक अपना चेहरा नहीं दिखाना चाहती हूं जब तक अपराधियों को सजा न मिल जाए। मैं उन्हें फांसी पर लटकते देखना चाहती हूं।' बता दें कि आरजेडी के सात सदस्यों में से एक ने सिक्योरिटी मैन को धक्का भी दिया था।
इस पूरे मामले में 130/18 के तहत राजद के प्रधान महासचिव आलोक मेहता, राजद महिला सेल की अध्यक्ष आभा लता, बेलागंज के विधायक सुरेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष निजाम आलम, जिला महिला अध्यक्ष सरस्वती देवी का नाम शामिल है। इसके अलावा 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले गया के एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया था कि एएनएमसीएच में मेडिकल जांच के लिये गयी नाबालिग पीड़िता को पुलिस गाड़ी से जबरदस्ती नीचे उतार कर उसके साथ फोटो खिंचवाने के मामले में पुलिस कार्रवाई करेगी।
एसएसपी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय का ऐसे मामलों में पीडि़ता की पहचान उजागर नहीं करने का सख्त आदेश है, जिसका उल्लंघन किया गया है। कुछ नेताओं ने न्यायालय के उस आदेश का उल्लंघन करते हुए शुक्रवार को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल परिसर में पीडि़ता को पुलिस की गाड़ी से जबरन उतार कर हंगामा किया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि हमने पर्याप्त सबूत इकट्ठे किए हैं और असली अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
