दिल्लीः PM मोदी लेंगे नीति आयोग की बैठक, ‘न्यू इंडिया 2022’ के एजेंडे पर होगा जोर

नई दिल्ली, नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की चौथी बैठक आज (रविवार को) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होगी। ये बैठक राष्ट्रपति भवन में होगी। इस दौरान तमाम मुख्यमंत्रियों को ‘न्यू इंडिया 2022’ का एजेंडा दिया जाएगा और उस पर काम करने की रणनीति भी बताई जाएगी। वहीं महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को खास बनाने की रणनीति किस तरह बनाई जाए इसी पर नीति आयोग आज होने वाली गवर्निंग काउंसिल की बैठक में अहम प्रेजेंटेशन देगा। बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
बैठक में पिछले साल हुए कार्यों समीक्षा और आने वाले साल के लिए विकास के एजेंडे को किस तरह आगे बढ़ाया जाए इसकी रूपरेखा तय की जाएगी। सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने 2017 में दिए अपने प्रजेंटेशन में साफ कहा था कि छह समस्याओं गरीबी, गंदगी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद और सांप्रदायिकता से स्वतंत्रता की नींव साल 2022 तक रखी जाएगी।
महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के लिए नीति आयोग प्रेजेंटेशन देगा
नीति आयोग ने पिछले दिनों अलग-अलग मंत्रालयों के साथ हुई बैठक में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के संबंध में आए सुझावों में से 21 सुझाव अलग किए हैं। इन पर प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच चर्चा होगी। बैठक से पहले सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे गए एजेंडा में जिक्र किया गया है कि इसके लिए तमाम मंचों के जरिए भी सुझाव आ रहे हैं और उन पर विचार किया जा रहा है। पहला सुझाव ये है कि देश में राजनीति के प्रति रुझान रखने वाले छात्रों के लिए एक ऐसा संस्थान बनाया जाए जहां सही राजनीतिक मूल्यों से परिचित कराया जा सके। इसके लिए गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिकल गवर्नेंस बनाया जाए। वहीं, दूसरा अहम सुझाव ये है कि देश में एक ऐसा फंड बनाया जाए जिसके जरिए गांधी की कोई भी वस्तु दुनिया के किसी भी कोने में हो उसे खरीदा ज सके।
गांधी के मूल्यों पर संयुक्त राष्ट्र का स्पेशल सेशन बुलाने का भी सुझाव दिया गया है। इन तमाम सुझावों पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रेजेंटेशन देंगे। गांधी के मूल्यों और आदर्शों को लेकर दुनियाभर के अलग-अलग संस्थानों में उन पर चर्चा परिचर्चा भी आयोजित करने के सुझाव आया है।
2019 में 150वीं जयंती
महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर 2014 से देश में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गई थी। सरकार 2019 में गांधी की 150वीं जयंती को भी धूमधाम से मनाने की योजना बना रही है। यही वजह है कि नीति आयोग भी उस पर आमंत्रित सुझावों को प्रधानमंत्री के सामने सभी राज्यों से साझा कर एक अच्छी रणनीति बनाने की पहल कर रहा है।
आजादी की 75वीं सालगिरह
बैठक में इस पर जोर रहेगा कि भारत की तस्वीर 2022 तक कैसे बदली जाए, तब भारत आजादी की 75वीं सालगिरह मनाएगा। नीति आयोग इस बैठक में किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में उठाए गए कदमों, आयुष्मान भारत कार्यक्रम की प्रगति, राष्ट्रीय पोषण मिशन और मिशन इंद्रधनुष के साथ साथ देशभर में महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ मानाने जैसे मामलों पर चर्चा करेगा।
बैठक की शुरुआत आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार की प्रेजेंटेसन से होगी। इसमें वे देश के मौजूदा आर्थिक हालात और नीति आयोग के काम काज का ब्योरा देंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री भी विकास के एजेंडा को किस तरह तेजी से आगे बढ़ाया जाए उस बारे में अपनी राय देंगे। दिनभर चलने वाली इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के अलावा राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित केंद्र शासित राज्यों के लेफ्टिनेंट गवर्नर शामिल होंगे। इनके अलावा भारत सरकार के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
बैठक से पहले ही सियासत शुरू
आज होने वाली इस बैठक से पहले सियासत भी शुरू हो गई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के दफ्तर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि बैठक का एजेंडा पिछले साल के मुताबिक बहुत सीमित है। पिछली बैठक में स्वच्छ भारत, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी, लेकिन इस बैठक के एजेंडे से वो मुद्दे गायब हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैठक में एटीएम में कैश की किल्लत, किसानों की दिक्कतों, बेरोजगारी और फसल बीमा योजना में आ रही मुश्किलों को वो में जरूर उठाएंगे।
बैठक में शामिल नहीं होंगे नवीन पटनायक
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक आज नई दिल्ली में नीति आयोग के संचालन निकाय की चौथी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने यहां बताया कि पटनायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि, महानदी जल विवाद और विशेष श्रेणी के दर्जे की मांग जैसे राज्य के मुख्य मुद्दों को वित्त मंत्री एसबी बेहरा उठाएंगे। बेहरा ने कहा कि हम महानदी विवाद समेत कई मुद्दों को उठाएंगे। महानदी के प्रवाह पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिये केंद्र को हस्तक्षेप करना चाहिए।
