पीएम आवास की ओर कूच कर रही AAP को पुलिस ने रोका, अब चलाएंगे डोर-टू-डोर कैंपेन

नई दिल्ली, दिल्ली में पिछले 7 दिन से केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल के बीच चल रहे गतिरोध के बीच आज शाम आप नेता प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग का घेराव करने इकट्ठे हो गए हैं. इस बीच प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने पांच स्टेशनों को बंद कर दिया है. जुलूस मंडी हाउस से पीएम हाउस की ओर कूच कर चुका है.
डीएमआरसी ने एहतियातन पहले लोक कल्याण मार्ग स्टेशन पर दोपहर 12 बजे से प्रवेश व निकासी बंद की. इसके बाद केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, पटेल चौक व जनपथ स्टेशन भी दोपहर बाद दो बजे से बंद हो गए. केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर हालांकि इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ उपराज्यपाल अनिल बैजल के घर पर एक सप्ताह से धरना दे रहे हैं. उपराज्यपाल से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर आप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास-7, लोक कल्याण मार्ग पर एक जुलूस निकालने की घोषणा की है.
पुलिस से नहीं ली इजाजत
इस मामले में नई दिल्ली के डीसीपी मधुर वर्मा का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने विरोध मार्च की अनुमति के लिए आवेदन नहीं किया है. वहीं आप विधायकों ने दावा किया है कि पुलिस लोगों के घरों में जाकर डरा रही है और उन्हें विरोध मार्च में शामिल होने से मना कर रही है.
कोई हिंसा नहीं होगी
आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मैं आश्वासन देता हूं, कोई हिंसा नहीं होगी. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, मैं पुलिस और पीएमओ को आश्वासन देता हूं कि कोई हिंसा नहीं होगी. उन्होंने आगे कहा, पुलिस विधायकों को कॉल कर रही है, धमकाया जा रहा है. बसों को विधायक के इलाके में रोकने की कोशिश हो रही है ताकि पीएम आवास तक कार्यकर्ता न पहुंचें. जब सरकार जनता से डरने लगे तो समझ लें कि सरकार के जाने का टाइम आ गया है.
बता दें कि कल रात 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों का अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचकर समर्थन देने से आम आदमी पार्टी का उत्साह बढ़ गया है. वहीं ट्विटर पर कई विपक्षी दलों के नेता खुलकर केजरीवाल का साथ दे रहे हैं.
ये हैं केजरीवाल की 3 मांगें-
– एलजी खुद IAS अधिकारियों की गैरकानूनी हड़ताल तुरंत खत्म कराएं, क्योंकि वो सर्विस विभाग के मुखिया हैं.
– काम रोकने वाले IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लें.
– राशन की डोर-स्टेप-डिलीवरी की योजना को मंजूर करें.
