जम्मू-कश्मीर में बाढ़ का खतरा फिलहाल टला, असम में आफत

नई दिल्ली। देश में जहां मानसून के दस्तक के बाद हर जगह पारा सामान्य हो चला है वहीं अब जन-जीवन भी प्रभावित होने लगा है। उत्तर भारत के तमाम राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश होने का क्रम जारी है।


जम्मू-कश्मीर में विगत कई दिनों से हो रही बारिश के चलते बाढ़ का खतरा बढ़ गया था लेकिन बारिश थमने से फिलहाल यह खतरा टल गया है। बावजूद इसके प्रशासनिक अमला चौकन्ना है।


वहीं पूर्वोत्तर के राज्य असम में बाढ़ ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। यहां के सात जिलों में स्थिति बेहद खराब है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल व जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा से टेलीफोन पर बात कर स्थिति की समीक्षा की।


उन्होंने दोनों राज्यों को हरसंभव मदद देने का आश्र्वासन दिया है। जबकि, उत्तर भारत के अन्य पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। मैदानी इलाकों में भी रुक-रुककर बारिश का क्रम जारी है।


कश्मीर में झेलम सहित अन्य नदियों का जलस्तर हुआ कम तीन दिन तक हुई बारिश के बाद कश्मीर में रविवार को मौसम में सुधार दिखा। इससे झेलम सहित अन्य नदियों-नालों में पानी का बहाव और जलस्तर भी कम हो गया। फिलहाल कश्मीर में बाढ़ का खतरा टल गया है लेकिन सभी की निगाहें आसमान पर टिकी हुई हैं।


मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों में कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। बारिश से दक्षिण और मध्य कश्मीर में शनिवार को बाढ़ की स्थिति थी। झेलम दरिया कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी।


इससे श्रीनगर शहर के निचले क्षेत्रों में कई जगहों पर पानी भर गया। शनिवार रात से बारिश थमी हुई है। इससे झेलम का जलस्तर काफी कम हुआ लेकिन अभी भी खतरे के निशान के आसपास ही है।


हिमाचल में फिर चेतावनी, कई जगह होगी मूसलधार बारिश हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर और कुल्लू में भारी बारिश की चेतावनी दी है। बारिश का सिलसिला तीन जुलाई तक जारी रहेगा।


लाहुल-स्पिति और किन्नौर को छोड़कर अन्य जिलों में मूसलधार बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की इस चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सड़कें कच्ची होने के कारण इनमें गड्ढे बन गए हैं। इससे मंडियों तक सेब को पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।


उत्तराखंड में एसडीआरएफ अलर्ट पर उत्तराखंड में मौसम की चेतावनी के मद्देनजर सतर्कता बढ़ा दी गई है। शासन ने एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग को अलर्ट मोड में रहने के आदेश दिए हैं। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने सड़कों को खोलने के 63 स्थानों पर जेसीबी मशीनें तैनात कर दी हैं। दूसरी ओर मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान आठ जिलों पर मौसम भारी पड़ सकता है। प्रदेश में दोपहर तक मौसम का मिजाज नरम रहा, लेकिन इसके बाद पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई। कुमाऊं के पिथौरागढ़ और चम्पावत में सुबह से वर्षा हो रही है, शेष इलाके में बादल छाए हुए हैं।


उप्र में कई जगहों पर बरसे बदरा


उप्र में कहीं बारिश तो कहीं बूंदाबांदी से लोगों को जहां चिपचिपी गर्मी से राहत मिली वहीं कई स्थानों पर बादल घुमड़ते रहे। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। मध्य पूर्व उप्र के कन्नौज, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, बांदा व चित्रकूट में सुबह हल्की बारिश होने से उमस भरी गर्मी से कुछ देर के लिए राहत मिली।


मगर, बाद में धूप निकलने पर लोग बेहाल हो गए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में आधी रात के बाद बाढ़ आ गई और कुछ कार समेत अन्य छोटे वाहन बह गए। इन वाहनों को काफी आगे जाकर पकड़ा जा सका।


दिल्ली में आज फिर राहत के आसार


दिल्ली में मानसून के दस्तक देने के बाद भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पाई है। रविवार को धूप और उमस से लोगों की हालत खराब रही।


अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में भी शनिवार की तुलना में आंशिक इजाफा दर्ज किया गया। हालांकि, सोमवार को हल्की बारिश की संभावना है। रविवार को सुबह से ही लोग उमस के कारण पसीना-पसीना होते नजर आए।


दिन चढ़ने के साथ-साथ धूप की चुभन भी बढ़ती गई। शायद यही वजह रही कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी इजाफा दर्ज किया गया और छुटटी का दिन होने पर भी दिल्लीवासी घर में ही रहने को मजबूर हुए।


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