लोगों को दासता से मुक्त कराने की कोशिश का परिणाम है सजा : नवाज शरीफ

लंदन। भ्रष्टाचार के मामले में सुनाई गई सजा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि कुछ जनरलों और जजों की दासता से लोगों को मुक्त कराने की कोशिश करने की वजह से उन्हें यह सजा सुनाई गई है। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वह सलाखों के पीछे से भी अपने राजनीतिक संघर्ष को जारी रखेंगे।
बेटी मरयम के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने कहा, "मैं वादा करता हूं कि सच बोलने के लिए जंजीरों में बांधकर रखे गए पाकिस्तानियों को जब तक मैं मुक्त नहीं करा लेता, तब तक मैं अपना संघर्ष जारी रखूंगा।" हालांकि पाकिस्तान लौटने के लिए उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई। उन्होंने कहा कि पत्नी की खराब सेहत की वजह से वह तुरंत लौट सकने में असमर्थ हैं।
वहीं, उनकी बेटी मरयम ने ट्वीट कर कहा कि उनके पिता को पाकिस्तान लौटने से रोकने की कोशिश की जा रही है। 25 जुलाई को होने वाले मतदान के मद्देनजर उन्होंने पार्टी के "शेर" कार्यकर्ताओं से सकारात्मक रुख बरकरार रखने की अपील करते हुए कहा कि "वास्तविक फैसला" उसी दिन उजागर होगा। उन्होंने कहा कि नवाज शरीफ के लिए यह सब नया नहीं है। वह पहले अयोग्य ठहराए जा चुके हैं और उन्हें उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा चुकी है।
