ट्रंप-किम वार्ता का नहीं दिख रहा असर, दोनों देशों में फिर बढ़ रही दूरी

सोल अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ प्योंगयांग में दो दिवसीय वार्ता पूरी होने के कुछ ही घंटे बाद उत्तर कोरिया ने हमला करते हुए अमेरिका की मांगों को अति लालचपूर्ण बताया। कोरिया ने कहा कि हाल की उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान उसका रवैया बेहद खेदजनक था।
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री किम जोंग चोल ने वक्तव्य जारी कर कहा कि शुक्रवार और शनिवार को उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान अमेरिका का रवैया और दृष्टिकोण बेहद खेदजनक था। हमने उम्मीद की थी कि वार्ता के दौरान अमेरिकी पक्ष रचानात्मक उपाययों की पेशकश करेगा, जो हमारे बीच विश्वास को मजबूत करने में मदद करेगा।
इससे पहले पोम्पिओ ने अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष के साथ दूसरे दिन की बैठक के बाद कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण के समझौते के मापदंडों पर स्पष्टता की जरूरत है।
ट्रंप प्रशासन उस समझौते को लेकर प्रतिबद्ध है, जिसके तहत उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण करेगा और इसके बदले में उसे आर्थिक लाभ मिलेगा। अप्रैल के बाद पोम्पिओ की यह तीसरी प्योंगयांग यात्रा है। पोम्पिओ शनिवार दोपहर प्योंगयांग से जापान के लिए रवाना हुए।
अमेरिका और उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता में निरस्त्रीकरण के प्रयासों की जांच समेत सभी अहम पहलूओं पर काम करने के लिए कार्य दलों का गठन किया है।
प्रवक्ता हीदर नौहर्ट ने कहा कि पोम्पिओ ने उत्तर कोरिया के अधिकारियों के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे के अलावा 1950 के कोरियाई युद्ध में मारे गये अमेरिकियों की अस्थियों की स्वदेश वापसी पर बातचीत की।
उत्तर कोरिया के शीर्ष अधिकारी किम योंग चोल के साथ वार्ता में पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य उत्तर कोरिया का पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण है।
