नाबालिगों की ड्राइविंग पर नकेल कस रही हैदराबाद पुलिस

हैदराबाद ।अपने भी अक्सर सड़कों पर नाबालिग बच्चों धूम स्टाइल में बाइक दौड़ते दिख जाते है। ये बच्चे अपनी सुरक्षा खिलवाड़ करने के साथ ही दूसरों की जान को भी जोखिम में डालते हैं। लेकिन देश के दक्षिण के राज्य के शहर हैदराबाद में इन नाबालिग बच्चों की ड्राइविंग पर नकेल कसने के पुलिस ने कदम उठाए हैं, यही नहीं उनके माता-पिता पर सख्त रवैया अपनाया है। बात हम हैदराबाद की कर रहे हैं,जहां पिछले महीने नाबालिग के ड्राइविंग करने के मामले में 230 केस दर्ज हुए हैं। हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त अनिल कुमार ने बताया, वाहन मालिकों पर जून तक कुल 825 मामले दर्ज हो चुके हैं। हम माइनर (नाबालिग) ड्राइविंग के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने वाले है। दरअसल, पिछले काफी वक्त से नाबालिगों को सड़कों पर ड्राइविंग से रोकने के लिए हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस उनके पालकों के साथ बेहद सख्ती के साथ पेश आ रही है। मार्च-अप्रैल महीने में यहां 26 माता-पिता को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके 18 साल से कम उम्र के बच्चे सड़क पर ड्राइविंग करते हुए पाए गए। इसके पहले फरवरी महीने में 1079 मामलों में 45 पालकों को जेल भेजा गया था। साथ ही, प्रत्येक अभिभावक पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के पीछे की वजह नाबालिगों के साथ दुर्घटना मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी है। इसकी वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना भी है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में ट्रैफिक पुलिस को दुर्घटना के 130 मामले मिले थे, जिसमें नाबालिग गाड़ी चला रहा था। इसके अलावा हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों से भी सख्ती से निपट रही है। इसके साथ ही, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य जरूरी दस्तावेजों के बिना ड्राइव करने वालों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। कई बार होता हैं कि माता-पिता बिना कुछ अपने नाबालिग बच्चों के हाथ में कार या बाइक की चाबी दे देते हैं। नतीजतन कई एक्सीडेंट के मामले सुनने को मिले, जहां नाबालिग बच्चे ड्राइव कर रहे थे। ये बच्चों की सुरक्षा के चलते तो घातक हैं ही,बल्कि सड़क पर चलने वालों के लिए भी मुसीबत से कम नहीं। पूरे राज्य में हैदराबाद पुलिस की इस पहल की हर तरफ तारीफ हो रही है। इसके साथ ही, अभिभावकों से अपील भी की जा रही है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ी नहीं दे। 

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