करुणानिधि को राष्ट्रीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई, मरीना बीच पर किया दफन

चेन्नई, डीएमके चीफ और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि का बुधवार शाम चेन्नई के मरीना बीच पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। करुणानिधि ने मंगलवार की शाम को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 94 साल के थे। अस्पताल ने कहा कि उन्हें बेहतर उपचार देकर बचाने के काफी प्रयासों को बावजूद उनका शाम के 6 बजकर 10 मिनट पर निधन हो गया। करूणानिधि का वहां पर पिछले 11 दिनों से इलाज चल रहा था। अस्पताल की तरफ से सोमवार की शाम को यह कहा गया है कि उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है।
उधर, बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट ने करुणानिधि को मरीना बीच में दफनाने को लेकर डीएमके की याचिका पर सुनवाई की। राज्य सरकार के विरोध के चलते मद्रास हाईकोर्ट ने सत्ताधारी एआईएडीएमके से कहा कि वह काउंटर याचिका दायर करें। उसके बाद कोर्ट ने डीएमके से कहा कि वे करुणानिधि को मरीना बीच पर दफना सकते हैं।
करुणानिधि को अंतिम विदाई देने उमड़ा जन सैलाब
करुणानिधि की अंतिम यात्रा बुधवार को राजाजी हॉल से फूलों से सजे सैन्य वाहन में शुरू हुई। यहीं पर सुबह से उनके पार्थिव शरीर को रखा गया था। 94 साल के दिग्गज राजनीतिज्ञ का पार्थिव शरीर तिरंगे से लिपटा हुआ था, जिन्हें अपराह्न चार बजे से पहले सैन्य कर्मियों ने एक सैन्य वाहन पर रखा। द्रमुक नेता और करुणानिधि के बेटे एम.के. स्टालिन और पार्टी के नेता सैन्य वाहन के आगे-आगे चल रहे थे। इस अवसर पूरे तमिलनाडु से आए लाखों लोग भावुक मुद्रा में राजाजी हाल के आसपास जमा रहे।
पूरे तमिलनाडु से लाखों भावुक लोग भी यहां राजाजी हॉल में अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए जमा हुए। संसद के दोनों सदनों में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। उनके सम्मान में राष्ट्रध्वज को आधा झुका दिया गया और पूरे दिन के लिए सभी सरकारी कार्य रद्द कर दिए गए।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कनार्टक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, माकपा के पूर्व महासचिव प्रकाश करात, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और भाकपा के डी. राजा समेत अन्य नेताओं ने भी राजाजी हॉल में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार रात को ही चेन्नई पहुंच चुकी थीं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गोपालपुरम स्थित उनके घर पहुंचीं।
कांची पीठ के शंकराचार्य ने जताया शोक
कांची पीठ के शंकराचार्य ने द्रमुक अध्यक्ष एम करुणानिधि के निधन पर शोक प्रकट किया और कई अवसरों पर इस शैव मठ के प्रति उनके समर्थन को याद किया। वरिष्ठ भाजपा नेता एल गणेशन ने बताया कि उन्हें शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती से संदेश मिला और 'मुझसे कहा गया कि मैं मठ की ओर से कलैनार के परिवार खासकर एम के स्टालिन के प्रति संवेदना एवं सहानुभूति प्रकट करूं।'
गणेशन ने एक बयान में विजयेंद्र का हवाला देते हुए कहा कि करुणानिधि अक्सर इस मठ के समर्थन में खड़े रहे। राजाजी हॉल में करुणानिधि के पार्थिव शरीर पर पहले ही पुष्पांजलि अर्पित कर चुके गणेशन ने कहा कि वह मठ के प्रतिनिधि के तौर पर वहां एक बार फिर गये और स्टालिन को मठ का संदेश दिया।
पुडुचेरी ने तीन दिन का शोक बढ़ाकर सात दिन का किया
पुडुचेरी की कांग्रेस सरकार ने बुधवार को द्रमुक नेता एम करुणानिधि के निधन के बाद घोषित तीन दिन के शोक की अवधि बढ़ाकर सात दिन कर दी। मुख्यमंत्री वी नारायणसामी के नेतृत्व में कैबिनेट बैठक में शोक की अवधि तीन दिन से बढ़ाकर सात दिन करने का फैसला किया गया। पहले तीन दिन के शोक की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस दौरान सरकारी समारोह रद्द रहेंगे। नारायणसामी ने कहा कि कैबिनेट में किये गये फैसले के अनुसार, केन्द्र शासित प्रदेश में करुणानिधि की कांसे की प्रतिमा लगाई जाएगी।
