जर्मनी की इस कार में लगे हैं 330 सोलर पैनल, ये पैनल ड्राइव करते हुए खु्द ब खुद रीचार्ज होते रहेंगे

सोचिए क्या होगा, अगर कार पास में हो मगर उसे चलाने के लिए पेट्रोल ही न हो। इसके लिए दुनियाभर में पेट्रोलरहित कारों का उत्पादन और उसके लिए कई तरह के विकल्प पर काम तेज हो गया है। अब जर्मनी में एक ऐसी कार बनाने का दावा किया जा रहा है जो सौर ऊर्जा से चलेगी। इसमें तकरीबन 330 सोलर पैनल लगे हैं जो ड्राइव करते हुए खु्द ब खुद रीचार्ज होते रहेंगे। इस कार का प्रोटोटाइप बना लिया गया है।
2019 तक बाजार में उपलब्ध हो जाएगी कार: इस कार का प्रोटोटाइप म्यूनिख स्थित सोनो मोटर्स ने तैयार कर लिया है। इसे सियोन नाम दिया गया है। यह कार 2019 के अंत तक बाजार में उपलब्ध हो जाएगी और 2020 तक यह जर्मनी की सड़कों पर दौड़ने लगेगी। इस कार की शुरुआती कीमत 12.73 लाख रुपये के करीब होने का अनुमान जताया गया है। इस कार की खास बात यह है कि इसमें लगे सौर पैनल ड्राइव करते हुए खुद ब खुद चार्ज हो जाएंगे। जर्मनी की योजना 2020 तक 10 लाख कारों को सड़क पर उतारने की है।
कार की छत, बोनट और साइड पैनल में लगे हैं सोलर सेल्स: खास बात यह है कि सियोन में लगे सोलर सेल्स इसकी बॉडी के जैसे ही दिखाते हैं और उसी के साथ समाहित हैं। इसमें सोलर सेल्स कार की छत, बोनट और साइड पैनल पर लगाए गए हैं। कार पर सूरज की रोशनी पड़ने से इसकी बैटरी रीचार्ज होने लगती है। हालांकि कंपनी पारंपरिक चार्जिंग स्टेशन की भी व्यवस्था की है, ताकि कार मालिकों को खराब मौसम में परेशानी न उठानी पड़े। इस कार के लिए अभी से 5000 लोग ऑर्डर बुक करवा चुके हैं। यह कार एक बार बैटरी रीचार्ज होने पर 250 किलोमीटर सफर करने में सक्षम होगी।
आइसलैंडिक मॉस: सियोन में मॉस भी साथ में लगाया गया है, जो कार के अंदर की प्रदूषित हवा को बाहर कर अंदर के वातावरण में नमी नहीं आने देता है। यह आइसलैंड में उगने वाली एक तरह की काई या फंगस है, जो प्राकृतिक रूप से अपने आसपास की हवा को साफ करने का काम करता है। इसे कार के अंदर डैशबोर्ड पर लगाया गया है और इसे पानी देने की या किसी और तरीके की भी जरूरत नहीं होती है।
प्रोजेक्ट के लिए भीड़ से जुटाई राशि: कंपनी ने क्राउड फंडिंग या भीड़ से राशि जुटाकर इस कार का प्रोटोटाइप तैयार किया है। कंपनी ने इससे पहले कहा था कि इस कार के अर्बन और एक्सटेंडर 2 मॉडल होंगे। इस कार में 3 आगे और 3 पीछे, कुल 6 लोग बैठ सकते हैं।
4 साल पहले गैराज में शुरू किया गया था प्रोजेक्ट: सोनो मोटर्स की लॉरिन हान ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 4 साल पहले गैराज में शुरू किया गया था। धीरे-धीरे इसका आकार इतना बड़ा हो गया और हमें बड़ी जगह शिफ्ट होना पड़ा।
