‘अटल विदाई यात्रा’ में उमड़ा जनसैलाब, बेटी ने गंगा में विसर्जित की अस्थियां

नई दिल्ली, हरिद्वार के ब्रह्मकुंड में बेटी नमिता ने अपने पिता वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन किया. वाजयेपी के इस अंतिम यात्रा में जनसैलाब हर की पौड़ी पर मौजूद.
> अस्थि कलश यात्रा भल्ला कॉलेज ग्राउंड से हर की पौड़ी घाट पर पहुंच गया है.
> उत्तराखंड सरकार के कई मंत्री अस्थि कलश यात्रा में शामिल हैं. बता दें कि वाजपेयी के पारिवारिक पुरोहित अखिलेश शास्त्री घाट पर मौजूद हैं.
> भल्ला कॉलेज ग्राउंड से अस्थि कलश यात्रा शुरू हो गई है. ट्रक में अमित शाह, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ मौजूद हैं.
> हरिद्वार के भल्ला कॉलेज ग्राउंड में अस्थि कलश यात्रा के लिए दो हेलीकॉप्टर उतरे हैं. एक में अटल बिहारी वाजपेयी के परिजन आए हैं.
> दूसरे हेलीकॉप्टर से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यानाथ और राजनाथ सिंह पहुंचे हैं. ग्राउंड में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद हैं.
> अस्थि कलश यात्रा 2 किलोमीटर लंबी होगी. हजारों लोगों के इस यात्रा में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है.
> अस्थि विसर्जन से पहले अस्थि कलश यात्रा निकाली जाएगी. हरिद्वार के भल्ला कॉलेज ग्राउंड से यात्रा की शुरुआत होगी.
> वाजपेयी की बेटी नमिता भट्टाचार्य पिता को आखिरी विदाई देंगी. इस दौरान परिवार के दूसरे सदस्य भी मौजूद होंगे.
> हरिद्वार के ब्रह्मकुंड में अस्थियां विसर्जित होंगी. मंत्रोच्चार के साथ आखिरी विदाई दी जाएगी.
> पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के परिजन अस्थि कलश के साथ जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पहुंच गए हैं.
वाजपेयी की बेटी नमिता और पोती निहारिका आज सुबह स्मृति स्थल पहुंची और वहां से पूर्व प्रधानमंत्री के अस्थियों को एकत्रित किया. भाजपा नेता भूपेन्द्र यादव ने बताया कि पवित्र शहर में होने वाले विसर्जन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेता शामिल होंगे.
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के अस्थियों को लेकर जुलूस सुबह 10.45 बजे हरिद्वार के भल्ला कॉलेज ग्राउंड से शुरू होगा और हर की पौड़ी घाट पहुंचेगा जहां अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा. स्वतंत्र भारत के करिश्माई नेताओं में शामिल वाजपेयी का निधन वृहस्पतिवार को 93 वर्ष की उम्र में हो गया था. नयी दिल्ली के राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.
यादव ने कहा कि भाजपा के कद्दावर नेता रहे वाजपेयी के लिए 20 अगस्त को दिल्ली में एक सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा और इसी तरह की एक और सभा का आयोजन 23 अगस्त को लखनऊ में होगा. उन्होंने कहा कि लखनऊ की सभा में गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अलावा वाजपेयी के रिश्तेदार भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां वहां गोमती नदी में भी विसर्जित की जाएंगी.
यादव ने कहा कि दिल्ली में प्रार्थना सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और प्रख्यात लोग शामिल होंगे. उन्होंने कहा, 'उनके (वाजपेयी) अस्थि कलश को देश भर की विभिन्न पवित्र नदियों में विसर्जित किया जाएगा और अस्थि कलश को सभी जिला मुख्यालयों और राज्यों की राजधानियों में ले जाया जाएगा. प्रार्थना सभाओं का आयोजन राज्यों की राजधानी, जिला मुख्यालयों और पंचायत स्तर पर किया जाएगा.'
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि वाजपेयी की अस्थियां लखनऊ हवाई अड्डे पर रविवार शाम पहुंचेंगी. रांची में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां राज्य की चार-पांच नदियों में प्रवाहित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने झारखंड का निर्माण किया था और इसलिए उनका निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक उन्होंने कहा कि सरकार उनके नाम पर कार्यक्रम शुरू करने और स्मारक बनाने पर भी विचार कर रही है ताकि आगामी पीढ़ियां उनके विचारों और कार्यों के बारे में जान सके.
