एशियाई खेलों के चलते जकार्ता में ऑड-ईवन लागू, लेकिन नहीं मिल रहा कोई फायदा

जकार्ता: एशियाई खेलों की मेजबानी कर रहे जकार्ता में यातायात जाम से निपटने के लिए दिल्ली की तर्ज पर लागू की गयी ऑड-ईवन नीति का ज्यादा फायदा होता नहीं दिख रहा जिसकी एक वजह इसे पूरी तरह से लागू नहीं करना भी है. इस नीति से टैक्सी कारों, महिला चालकों और दुपहिया वाहनों को बाहर रखा गया है. इसे लागू किये जाने के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है लेकिन इससे सड़कों पर होने वाले यातायात जाम से निजात नहीं मिली है. हवाई अड्डे से तीस किलोमीटर दूर शहर के मुख्य हिस्से तक पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लग जाता है. 

ऐसी समस्या से जूझ रहे दिल्ली जैसे शहर हालांकि जकार्ता से कुछ सीख सकते है जहां लोग होर्न का इस्तेमाल नहीं करते और आपातकालीन सेवाओं के लिए एक लेन खाली रहता है. एक कार चालक ने बताया, ‘‘यहां यातायात काफी कम है लेकिन लोग आपातकालीन सेवाओं के लिए बने लेन का गलत इस्तेमाल नहीं करते है. 

यह एंबुलेंस और कई बार विशिष्ठ लोगों की आवाजाही के लिए होता है. फिलहाल इस लेन का इस्तेमाल एशियाई खेलों के लिए आये अधिकारियों और खिलाड़ियों की आवाजाही के लिए हो रहा है.’’ 


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