रूस का दावा- सीरिया में हमलों के लिए आतंकवादियों को प्रशिक्षण दे रहा अमेरिका

मॉस्को: रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह सीरिया में अपने सैन्यअड्डे के पास आतंकवादियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है और उन्हें अतंकवादी हमले करने का निर्देश दिया है. मंत्रालय के बयान के अनुसार, सीरियाई सरकार के सैनिकों को दो आतंकवादियों की हत्या के बाद यह जानकारी मिली और इससे पहले उन्होंने ऐतिहासिक शहर पल्मायरा में दो अन्य आतंकवादियों को पकड़ा. पकड़े गए आतंकवादियों ने बताया कि वे 'द लॉयन्स ऑफ द ईस्ट आर्मी' से जुड़े हुए हैं, जो अमेरिका के नेतृत्व वाले अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन के अल-तन्फ सैन्य आधार के करीब 500 लोगों की संख्या में हैं.
पकड़े गए एक शख्स ने कहा कि उन्हें अमेरिकी प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया गया था और अमेरिकी सैन्यअड्डे से हथियार और गोला बारूद दिया गया था. मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादियों का कार्य पल्मायरा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमलों को अंजाम देना था और अगले सप्ताह लगभग 300 आतंकवादियों को शहर पर कब्जा करने में सक्षम बनाना था.
रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर अमेरिका ने रूस और सीरिया को दी चेतावनी
अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने रूस और सीरिया की सरकारों को सीरिया के विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी है क्योंकि राष्ट्रपति बशर असद की गठबंधन सेना विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में हमला करने की तैयारी में है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा ‘इदलिब या सीरिया के किसी भी अन्य क्षेत्र में हुए सत्यापित रासायनिक हमले का जवाब अमेरिका तेजी से और उपयुक्त तरीके से देगा.'
सरकार के पास नहीं हैं रासायनिक हथियार
वाशिंगटन में कल संवाददाताओं से बात करते हुए नोर्ट ने कहा कि अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी अपने रूसी समकक्षों को कहा है कि वह स्पष्ट रूप से सीरिया को इसस अवगत करा दे. सीरिया सरकार विद्रोहियों के गढ़ इदलिब प्रांत में हमले की तैयारी में है. बता दें इससे पहले मार्च में सीरिया के उप विदेश मंत्री फैजल मेकदाद ने इस बात से इनकार किया था कि उनकी सरकार के पास किसी भी तरह के रासायनिक हथियार हैं.
फ्रांस के राष्ट्रपति भी दे चुके हैं चेतावनी
बता दें इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने भी सीरिया को रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर चेताया था. उन्होंने कहा था कि अगर यह साबित होता है कि सीरिया की सरकार ने अपने नागरिकों के खिलाफ प्रतिबंधित रासायनिक हथियार इस्तेमाल किया है तो फ्रांस उस पर हमला करेगा. राष्ट्रपति ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि "हम उन स्थानों पर हमले करेंगे, जहां से ये हमले किए गए थे."
