बुलंदशहर एसिड अटैक केस : पीड़िता की सुरक्षा और इलाज की मांग पर SC आज करेगा सुनवाई

नई दिल्ली : हलाला और बहुविवाह मामले की याचिकाकर्ता रानी उर्फ शबनम पर बुलंदशहर में हुए एसिड अटैक मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. दरअसल, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार से जवाब मांगा था. दरअसल, शबनम की ओर से दायर याचिका में सुरक्षा और दिल्ली के एम्स में इलाज कराने की मांग की गई है.
आपको बता दें कि शबनम पर यह एसिड अटैक उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सरे बाजार डिप्टी गंज पुलिस चौकी के पास दो बाइक सवारों ने किया था. घटना के बाद पीड़िता को बुलंदशहर में भर्ती किया गया था, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी. पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके देवर ने ही दोस्तों के साथ मिलकर हमला किया था. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. शबनम को कट्टरपंथियों ने भी धमकी दे रखी थी.
गौरतलब है कि शबनम ने ट्रिपल तलाक, हलाला और बहुविवाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. साथ ही शबनम ने इसी साल अगस्त महीने में ही अपने पति के खिलाफ भी जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था. पीड़ित शबनम रानी दिल्ली के ओखला की रहने वाली हैं. रानी का निकाह आठ साल पहले अगौता के जौलीगढ़ में मुजम्मिल से हुआ था.
शबनम के तीन बच्चे भी हैं. कुछ समय पहले पति ने उन्हें तलाक-ए-बिद्दत (एक बार में तीन तलाक) दे दिया था. इस दौरान शबनम ने आरोप लगाया था कि उसका पति उस पर देवर के साथ हलाला करने के लिए दबाव बना रहा था. मगर शबनम ने हलाला मंजूर नहीं किया था.इसके बाद उस पर अत्याचार बढ़ गए थे. इन सबसे परेशान होकर शबनम ने हलाला और बहु विवाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की थी.
क्या है हलाला?
मुस्लिमों में हलाला या निकाह हलाला एक रस्म है. शरियत के मुताबिक, कोई तलाकशुदा महिला अपने पहले पति से तब तक दोबारा निकाह नहीं कर सकती जब तक कि वह किसी अन्य पुरुष से निकाह करके तलाक न ले ले. किसी अन्य पुरुष से निकाह कर उसके साथ तलाक लेने और फिर अपने पहले पति से निकाह करना ही हलाला प्रक्रिया कहलाता है. इस प्रथा के खिलाफ आज लगभग सभी मुस्लिम महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की है.
