सेना में अब महिलाओं को भी मिलेगा स्थायी कमीशन, जानें इसका मतलब

रक्षा मंत्रालय की ओर से मंगलवार, 5 मार्च 2019 को शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) से जुड़ा अहम फैसला आया, जिसमें भारतीय सेना की उन सभी दस ब्रांच में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिए जाने की घोषणा की गई. इससे पहले सेन्य बलों में महिलाओं की नियुक्ति शॉर्ट सर्विस कमीशन में होती थी. स्थायी कमीशन दिये जाने का मतलब है, अब महिलाएं रिटायरमेंट की उम्र तक सेना में काम कर सकती हैं. वे अपनी मर्जी के अनुसार या फिर रिटायरमेंट की उम्र खत्म होने पर नौकरी छोड़ सकती हैं
स्थायी कमीशन से क्या बदलेगा
शार्ट सर्विस कमीशन की तरफ से महिला अधिकारियों को सेवा के आखिरी चार साल पूरे करने से पहले उन्हें स्थाई कमीशन विकल्प दिया जाएगा. महिला अधिकारियों को जिन शाखाओं में पर्मानेंट कमीशन दिया जाएगा उनमें सिग्नल, इंजीनियर, आर्मी एविएशन, आर्मी एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर, आर्मी सर्विस कॉर्प्स, आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स और इंटेलिजेंस शामिल हैं.
इन शाखाओं में थी स्थायी कमीशन की इजाजत
अब तक महिला अधिकारियों को सिर्फ दो शाखाओं (न्यायाधीश एडवोकेट जनरल (JAG) और सेना शिक्षा कोर) में स्थायी कमीशन की अनुमति थी. वर्तमान में भी सेनाओं में महिलाओं को जहां स्थाई कमीशन दिया जाता है वह कुछ ही गैर युद्धक ब्रांचों तक सीमित है
