चंडीगढ़ / आईजी कुंवर प्रताप को लेकर सरकार और अकाली दल आमने-सामने, लगाए जांच में पक्षपात के आरोप

चंडीगढ़. बेअदबी और गोलीकांड की जांच के लिए बनी एसआईटी के सदस्य आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह काे लेकर शिअद और कांग्रेस सरकार आमने-सामने आ गई है। सुखबीर बादल ने आरोप लगाया है कि कुंवर विजय प्रताप केस की जांच की बजाय कांग्रेस के हुक्मों की पालना करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
अकाली दल द्वारा चुनाव आयाेग से आईजी की शिकायत के बाद पंजाब सरकार कुंवर विजय प्रताप के पक्ष में खड़ी हाे गई है। सरकार ने शिअद के आरोपों को गलत बताया। गृह विभाग ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू को 2 पेज की रिपोर्ट भेजकर कहा कि एडिशनल डीजीपी प्रबोध कुमार के नेतृत्व वाली एसआईटी हाईकोर्ट के निर्देश पर बरगाड़ी के बेअदबी और गोलीकांड की जांच निष्पक्ष तरीके से कर रही है। एसआईटी के सदस्य कुंवर विजय प्रताप निष्पक्ष अधिकारी हैं। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजेेंगे। वहां के निर्देशों पर कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक करियर बनाने में जुटे आईजी : सुखबीर
सुखबीर बादल ने कहा कि हो सकता है कि अाईजी कुंवर विजय प्रताप अभी से पुलिस सर्विस के बाद भविष्य में अपना राजनीतिक करियर बनाने के लिए तैयारी कर रहे हों। वरना कोई भी अधिकारी किसी दूसरे के अधिकारी क्षेत्र या जांच में कभी भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता। बहबलकलां गोली कांड की जिस तरह कुंवर विजय प्रताप एक-एक जानकारी प्रेस को लीक कर रहे हैं अाैर कांग्रेस के कवर का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह बदले की भावना से आदेश अनुसार काम कर रहे हैं जिसे अकाली दल समझ रहा है।
अकाली दल के आरोप :
अकाली दल के कुंवर विजय प्रताप सिंह पर आरोप लगाया है कि वो केस की जांच पक्षपातपूर्ण तरीके से कर रहे हैं। उन्हें राज्य से बाहर ट्रांसफर किया जाए, क्योंकि उनकी राज्य में मौजूदगी से चुनाव पर असर पड़ेगा, जिससे अकाली दल को राजनीतिक तौर पर बड़ा नुकसान हो सकता है। अकाली दल को आशंका है कि चुनावी सरगर्मियां बढ़ने के साथ-साथ आने वाले दिनों में एसआईटी की ओर से जानबूझ कर बेअदबी और गोली कांड से संबंधित जांच के लिए भी सरगर्मियां बढ़ाई जा सकती हैं, ताकि चुनाव में अकाली दल को नुकसान हो।
