अकोला लोकसभा सीट: बीजेपी लगाएगी जीत का चौका या कांग्रेस की होगी वापसी?

महाराष्ट्र की अकोला सीट पर दूसरे चरण में यानी 18 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. अकोला सीट पर 2019 लोकसभा चुनाव के लिए कुल 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. जिसमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भाई बीसी कांबले को टिकट दिया है जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने धोत्रे संजय शामराव को चुनाव मैदान में उतारा है.

इसके अलावा कांग्रेस ने इस बार भी हिदायतुल्ला बरकतुल्लाह पटेल को ही अकोला सीट से प्रत्याशी घोषित किया है. वहीं वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर भी चुनाव मैदान में हैं. अकोला सीट पर इस बार भी बसपा, कांग्रेस और बीजेपी ने उन्हीं उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो 2014 में चुनावी मैदान में थे.

बहुजन मुक्ति पार्टी से प्रवीण लक्ष्मणराव भाटकर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) से अरुण कंकर वानखेड़े चुनाव मैदान में उतरे हैं. इसके अवाला 5 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे. जिनमें अरुण मनोहर ठाकरे, सामाजिक कार्यकर्ता ओंकार हरने (अन्ना), प्रवीण चंद्रकांत कौरपुरिया, मुरलीधर पवार और सचिन गणपतलाल शर्मा शामिल हैं.

बता दें कि महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर 4 चरणों में मतदान होंगे, जिसमें अकोला समेत 10 लोकसभा सीटों पर दूसरे चरण में वोटिंग होगी. बुलढाणा, अकोला, अमरावती, हिंगोली, नादेड़, परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर, सोलापुर सीटों पर 18 अप्रैल को मतदान होगा.

गौरतलब है कि 2014 में महाराष्ट्र की अकोला लोकसभा सीट पर हुए चुनाव में बीजेपी के वरिष्ठ नेता संजय शामराव धोत्रे ने सीट पर अपना दबदबा कायम रखते हुए कांग्रेस के प्रत्याशी हिदायातुल्ला बरकतुल्ला पटेल, भारिप बहुजन महासंघ (बीबीएम) के उम्मीदवार प्रकाश यशवंत आंबेडकर और बसपा प्रत्याशी भाई बीसी कांबले को करारी मात दी थी. 2014 में यह लगातार तीसरा मौका था, जब बीजेपी नेता संजय शामराव धोत्रे ने अकोला लोकसभा सीट पर अपना कब्जा बनाए रखा और जीत की हैट्रिक लगाई थी.

महाराष्ट्र की अकोला लोकसभा सीट से बीजेपी के शामराव धोत्रे सांसद हैं, उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता पटेल हिदायतुल्ला को हराया था. संजय शामराव धोत्रे को 4,56,472 वोट मिले थे जबकि हिदायतुल्ला को कुल 2,53,356 वोट ही मिले थे.

अकोला लोकसभा सीट अभी बीजेपी के कब्जे में है और पिछले तीन चुनावों में यहां बीजेपी के संजय धोत्रे जीतते आ रहे हैं. वहीं, महाराष्ट्र में एनसीपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन है. जिस कारण राष्ट्रवादी ने अकोला सीट कांग्रेस के लिए छोड़ रखी है. अकोला लोकसभा क्षेत्र में अकोट, बालापुर, अकोला पूर्व, अकोला पश्चिम, मूर्तिजापुर और वाशिम जिले के रिसोड विधानसभा क्षेत्र आते हैं. जिनमें अकोट, अकोला पश्चिम, अकोला पूर्व, मूर्तिजापुर विधानसभा सीटों पर अभी बीजेपी का कब्जा है, जबकि रिसोड़ विधानसभा पर कांग्रेस का कब्जा है. वहीं बालापुर विधानसभा पर भारिप बहुजन महासंघ के हिस्से में है.

बता दें कि एक वक्त में अकोला लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ थी. यहां लगातार 25 साल कांग्रेस पार्टी ने जीत हासिल की. 1957 से 1967 तक यहां लगातार कांग्रेस को जीत मिली.  इस दौरान गोपालराव खेडकर, एम.एस. हक और के.एम. असगर हुसैन यहां से सांसद चुने गए. लेकिन बदलते सियासी समीकरण के साथ इस सीट पर बीजेपी का कब्जा होता चला गया. ऐसे में देखना होगा कि 2019 में अकोला लोकसभा सीट पर किसको जीत मिलेगी.
 

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