मध्य प्रदेश में राजनीतिक विरासत: इन 9 मुख्यमंत्रियों के 11 बच्चे राजनीति में मचा रहे ‘धमाल’

किसान का बेटा किसान, कारोबारी का बेटा व्यापारी..तो क्या नेता का बेटा भिखारी बनेगा ? MP के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का ये बयान आपको भी याद होगा. नेता के बेटों के नेतागिरी करने पर ये बयान सटीक भी है. एमपी में सियासत का इतिहास इसका गवाह क्योंकि यहां अब तक 19 मुख्यमंत्रियों में से 9 सीएम के बेटे अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाल चुके हैं. इसमें नया नाम नकुलनाथ का जुड़ने जा रहा है, जो अपने सीएम पिता कमलनाथ की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए चुनाव मैदान में उतर रहे हैं.वंशवाद को लेकर भले पार्टियां एक दूसरे को कठघरे में खड़ा करती हों, लेकिन हकीकत ये है कि फिल्मी सितारों के बच्चों को जैसे विरासत में फिल्में मिलती हैं, उसी तरह राजनेताओं के बच्चों को राजनीति ही सुहाती है. एमपी के सियासी इतिहास के अगर पन्ने पलटें तो पता चलता है कि एमपी में अब तक हुए 19 मुख्यमंत्रियों में से 9 मुख्यमंत्रियों के 11 बच्चे ना सिर्फ पिता का हाथ पकड़ राजनीति में आए बल्कि मंत्री भी बने.
मध्य प्रदेश में अब तक 27 सरकार
– मध्य प्रदेश में अब तक 27 सरकार रही हैं, जिसमें 19 मुख्यमंत्री रहे हैं. कई नेता ऐसे हैं, जो दो या ज्यादा बार मंत्री रहे हैं.
– 19 मुख्यमंत्रियों में से 9 मुख्यमंत्रियों के 11 बच्चों को विरासत में मिली सियासत
विद्याचरण और श्यामाचरण शुक्ल
– एमपी के पहले सीएम रविशंकर शुक्ल के दोनों बेटे विद्याचरण शुक्ल और श्यामाचरण शुक्ल राजनीति में आए. श्यामाचरण शुक्ल 3 बार सीएम और विद्याचरण शुक्ल केंद्रीय मंत्री बने.
हर्ष सिंह
– एमपी के छठे सीएम गोविंद नारायण सिंह के 2 बेटे हर्ष सिंह और ध्रुव नारायण राजनीति में आए. हर्ष सिंह शिवराज सरकार में मंत्री और ध्रुवनारायण 1 बार विधायक रहे.
दीपक जोशी
– एमपी के 10वें सीएम कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी शिवराज सरकार में मंत्री रहे.
ओमप्रकाश सखलेचा
– एमपी के 11वें सीएम वीरेंद्र कुमार सखलेचा के बेटे ओमप्रकाश सखलेचा 4 बार विधायक रहे,
सुरेन्द्र पटवा
– दो बार एमपी में सीएम रहे सुंदरलाल पटवा के दत्तक पुत्र सुरेंद्र पटवा शिवराज सरकार में मंत्री और अब विधायक.
अजय सिंह
– 3 बार एमपी के सीएम बने अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह 6 बार विधायक बने. मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रहे. अब सीधी से प्रत्याशी
अरुण वोरा
– दो बार एमपी के सीएम रहे मोतीलाल वोरा के बेटे अरूण वोरा विधायक रहे.
जयवर्धन सिंह
– 2 बार एमपी के सीएम रहे दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को विरासत में सियासत मिली. वर्तमान कमलनाथ सरकार में बने मंत्री
नकुलनाथ
– वर्तमान सीएम कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने भी सियासत में इंट्री की है. पिता की सीट छिंदवाड़ा से इस बार चुनाव मैदान में हैं.
वैसे ये फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती.एमपी की सियासत में ऐसे मुख्यमंत्री भी रहे हैं., बेटे न सही परिवार के लोग सियासत की चौखट चढ़ चुके हैं. बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर अब अपने ससुर की सीट से विधायक हैं.
