यौन शोषण से तंग 9.25 लाख के दो इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

नागपुर. महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल दो खूंखार नक्सली दंपति ने गुरुवार को महाराष्ट्र में गढ़चिरौली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। समर्पण के बाद इन्होंने खुलासा किया है कि वरिष्ठ माओवादी नेता महिलाओं का यौन शोषण करते थे। इसी से तंग आकर उन्होंने आत्मसमर्पण किया है।
2001 में माओवादी बना था
इनकी पहचान 30 वर्षीय दीपक उर्फ मंगरू सुकलू बेगामी और 28 वर्षीय मोटो उर्फ राधा झुरु के रूप में हुई है। ये दोनों पति-पत्नी हैं। दीपक ने साल 2001 में माओवादियों के साथ जुड़ गया था। वो 2012 से लगातार कंपनी 5 में दलम का डिविजनल कमांडर था। जबकि उसकी पत्नी मोती उर्फ राधा झुरू मज्जी ने साल 2004 में माओवादियों के भामरागढ़ दलम में सदस्यता ली थी।
एक दर्जन हत्याओं का आरोपी था दीपक
दीपक 17 मुठभेड़ों, 12 हत्याओं और 3 माइन ब्लास्ट के मामलों में वॉन्डेट था। राधा सुरक्षा बलों के साथ 15 मुठभेड़ों और 2 हत्याओं के मामले में वॉन्टेड थी। महाराष्ट्र सरकार ने दोनों पर 9.25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
शोषण के लिए होता है नाबालिग लड़कियों का अपहरण
आत्मसमर्पण के बाद इस दंपति ने नाबालिग लड़कियों का अपहरण और शोषण की दास्तान सुनाई। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था। दोनों ने बताया कि अब वे दंपति के रूप में एक सामान्य जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की तय नीति के अनुसार अपने हथियार डालने और आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।
