लाइलाज बीमारी से पीड़ित हर्ष सोंगरा अब फोर्ब्स की सूची में शामिल हैं

ज़िंदगी में छोटी-छोटी मुश्किलों से बच्चे डर जाते हैं.एक असफलता से छात्र डर कर भविष्य के सपने बुनना छोड़ देते हैं,लेकिन वो शायद यह नहीं जानते है कि असफलता ही सफलता की सीढ़ी होती है. हम आपको एक ऐसे ही साधारण से हर्ष की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं.

भोपाल में रहने वाले 21साल के हर्ष सोंगरा जाने माने यंग एप डेवलपर हैं.स्टार्टअप के लिए काम करने पर हर्ष फोब्स की अंडर 29की सूची में भी शामिल हो चुके है.माइ चाइल्ड एप को लेकर फेसबुक की सीईओ शेरिल सैंडबर्ग तक उनकी तारीफ़ कर चुकी हैं.हेल्थ को लेकर अवेयरनेस और इंफॉर्मेशन की कमी को ध्यान में ऱखकर ही हर्ष ने ये एप डिजाइन किया है. उनकी इसी पहल से प्रभावित होकर हर तरफ हर्ष को तारीफ मिली.
सफलता की इस कहानी का लब्बो-लुआब ये है कि हर्ष सोंगरा को बचपन में डिस्प्रक्किया नाम की बीमारी थी.बीमारी के कारण ऐसे बच्चों की ग्रोथ आम बच्चों के मुकाबले बेहद कम होती है.हर्ष का आम बच्चे के मुकाबले शारीरिक विकास काफी धीमे हुआ.उस समय लोगों को इस बीमारी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी.हर्ष जब 9 साल का था तब माता-पिता को इस बीमारी का पता चला, इसलिए हर्ष को ट्रीटमेंट काफी देरी से मिला.
अपनी परेशानियों और बीमारियों से जूझते हुए हर्ष ने अपनी पढ़ाई पूरी की. उन्होंने अपने जैसे ही बच्चों की परेशानी को समझा और फिर उनके लिए माइ चाइल्ड एप बनाया..ताकि डिसएब्लड बच्चों को सही समय पर ट्रीटमेंट मिल सके.माय चाइल्ड एप में बच्चे के वजन, लंबाई, शारीरिक गतिविधियों के बारे में 8 सवाल पूछे जाते हैं. सवालों के जवाब के आधार पर बीमारी से संबंधित तमाम जवाब एप्प के ज़रिए मिलते हैं. साथ ही इलाज के लिए डॉक्टर के नाम भी सुझाए जाते हैं.
फोर्ब्स की सूची में शामिल हर्ष सोंगरा अब एप डेवलपर औऱ स्टार्टअप के लिए काम कर रहे हैं.
 

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