दो दिवसीय बौद्धिक विकास कार्यशाला का हुआ समापन

इन्दौर । मस्तिष्क की पांच अवस्थाएं होती हैं अल्फा, बीटा, थीटा, गामा और डेल्टा। इसमें सबसे अच्छी अल्फा होती हैं, जिससे हम अपने मन को एकाग्र कर सकते हैं। अल्फा से हम अपनी मैमोरी पॉवर बढ़ा सकते हैं। ओमेगा 3फेटीएसिड से भी ब्रेन पॉवर बढ़ती है। गहरी सांस लेते समय पेट हमारा बाहर की ओर होना चाहिए। इस तरह की हमारे व्यक्तित्व एवं बौद्धिक विकास से जुड़ी ज्ञान उपयोगी बातें युवा शोधकर्ता विक्की जायसवाल ने आज सुबह इंदौर प्रेस क्लब द्वारा मीडियाकर्मियों के बच्चों के लिए आयोजित दो दिवसीय बौद्धिक विकास कार्यशाला के समापन अवसर पर कही।
उन्होंने आगे कहा कि बच्चे मोबाइल से दूर रहें, क्योंकि मोबाइल से हानिकारक बीटा फ्रिक्वेंसी निकलती है, जो शरीर के लिए हानिकारक होती है। हमेशा पॉजीटिव सोचें, और कठोर परिश्रम का कोई शॉर्टकट नहीं है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षाविद अजय चौरडिय़ा ने कहा कि सीखने की सबसे अच्छी उम्र बचपन की होती है। जो भी सीखें उसे उत्साह और मन लगाकर सीखें। एडवोकेट अभिषेक वर्मा ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में आकर मुझे भी अपना बचपना याद आ गया। ख्यात कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजन सतत होना चाहिए, ताकि ज्ञानवद्र्धक बातों से बच्चे अपनी बौद्धिक क्षमता को बढ़ा सकें। डॉ. ममता शुक्ला ने कहा कि महिलाएं शुद्धभाव से खाना बनाएं, क्योंकि हमारे विचारों का असर हमारे काम पर पड़ता है। यदि हम गुस्से में खाना बनाते हैं तो उससे जो नकारात्मक किरणें निकलती हैं उसका प्रभाव हमारे काम और विचारों पर पड़ता है। इस मौके पर बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
वरिष्ठ पत्रकार गौरव चतुर्वेदी, प्रवीण जोशी, ताहिर कमाल सिद्दिकी, मंगल राजपूत, अभिषेक वर्मा ने प्रतिभाशाली बच्चे कृष्णासिंह भदौरिया, प्रतीश जैन, शुभ अग्रवाल, प्रशम पहाडिय़ा मैडल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। धर्मेन्द्र शुक्ला, अरुण हार्डिया, राजेन्द्र गुप्ता, मनीष व्यास ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न प्रदान किए। कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब महासचिव नवनीत शुक्ला ने किया। इस मौके पर मीडिया के साथी एवं उनके बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
