तय समयसीमा में नहीं बन पाई स्मार्ट स्ट्रीट 

भोपाल । राजण्धानी में स्मार्ट सिटी के काम समयसीमा में नहीं हो पा रहे हैं। किसी ने किसी कारण से ये प्रोजेक्ट पिछडता जा रहा है। स्मार्ट स्ट्रीट का काम नौ महीने में पूरा करने की समय सीमा तय की थी लेकिन वह काम अभी तक अधूरा है। पूर्व में स्मार्ट रोड, बुलेवार्ड स्ट्रीट, स्मार्ट हाट व कमर्शियल कॉम्प्लेक्स फिर दुकानों के छज्जे गिरने से दशहरा मैदान का उन्नयन का काम और अब बोर्ड ऑफिस के पास स्मार्ट स्ट्रीट का काम अटक गया है। 9 करोड़ की लागत से बोर्ड ऑफिस चौराहे से ज्योति टॉकीज चौराहे तक स्मार्ट स्ट्रीट का काम होना था। प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा 9 महीने तय की गई थी। लेकिन डेढ़ साल में अब तक सिर्फ नालों का चैनालाइजेशन का काम पूरा हो पाया है। जबकि, बस टर्मिनल के लिए शेड का काम चल रहा है। लेकिन ठेले-गुमठियों के अतिक्रमण के कारण लैंडस्केपिंग सहित अन्य छोटे-छोटे काम अटके हुए हैं। बता दें कि स्मार्ट स्ट्रीट का भूमिपूजन 29 अक्टूबर 2017 को महापौर आलोक शर्मा और तत्कालीन विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने किया था। स्मार्ट स्ट्रीट बनने से लोगों को कई फायदे भी होंगे। एमपी नगर जोन वन में मल्टीलेवल पार्किंग व स्मार्ट पार्किंग चल रही है। स्मार्ट स्ट्रीट में विभिन्न रूटों की लो फ्लोर व मिडी बसों की कनेक्टिविटी है। इससे लोग अपने वाहनों को पार्किंग में खड़ा करके विभिन्न रूटों के लिए सिटी बसों में सफर कर सकेंगे। यहां यात्रियों के बैठने के लिए शेड व ओपन रेस्टोरेंट की व्यवस्था होना है। 
    बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास मेन रोड पर सिटी बसों का स्टॉपेज है, यहीं से भेल क्षेत्र, एम्स आदि के लिए मैजिक का संचालन होता है। इससे यहां ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। व्यवस्थित शेड बनने से सड़क पर ट्रैफिक दबाव नहीं होगा, इससे ट्रैफिक जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी। बारिश में ज्योति टॉकीज चौराहे से बोर्ड ऑफिस चौराहे वाले हिस्से में पानी भर जाता है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। इस प्रोजेक्ट के तहत नालों का चैनालाइजेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है। स्मार्ट सिटी कंपनी अधिकारियों का दावा है कि अब यहां पर जलभराव की समस्या नहीं होगी। 6 अप्रैल 2018 में पाइप लाइन शिफ्टिंग का काम पूरा हो पाया। इसके बाद नाली का काम पूरा होने के बाद अब बस टर्मिनल के लिए शेड का काम चल रहा है। बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास कोलार की 900 एमएम व्यास की पाइप लाइन में लीकेज के कारण दलदल होने के कारण लंबे समय तक काम अटका रहा। 24 अप्रैल 2018 बोर्ड ऑफिस चौराहे पर काबिज ठेले-गुमठियों को हटाने के लिए निगम का अतिक्रमण विरोधी अमला पहुंचा था। लेकिन तत्कालीन विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह विरोध में उतर गए थे। संबंधित ठेकेदार के कई बार पत्र लिखने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हट पाया। अतिक्रमण हटाए बिना आगे का काम नहीं हो पा रहा है।

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