महेश्वर परियोजना के प्रबंध निदेशक ने बांध के दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया

इंदौर। महेश्वर जल विद्युत परियोजना के रेडियल गेट क्रमांक 20 के हाइड्रोलिक सिलिंडर के टूटने तथा गेट के अपने जगह से लगभग साढ़े चार मीटर नीचे सरकने की घटना से परियोजना प्रबंधन के साथ साथ परियोजना के कर्मचारी एवं परियोजना प्रभावित डूब क्षेत्र के लोग, आगामी मॉनसून सीजन को देखते हए भयाक्रांत एवं संशय की स्थिति में हैं। बांध के प्रभावित गेट के मरम्मत के साथ साथ अन्य रेडियल गेटों की सुरक्षा परियोजना प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्थिति का जायजा लेने के लिए महेश्वर परियोजना के प्रबंध निदेशक श्री पी सी पंकज ने आज बांध स्थल का आकस्मिक दौरा कर परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ घटना स्थल का निरीक्षण कर, स्थिति का जायजा लिया तथा कर्मचारियों के साथ बैठक में उत्तपन स्थिति की गंभीरता पर चिंता व्यक्त करते हुए तथा आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए प्रभावित गेट को यथाशीघ्र दुरुस्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रबंधन के पास फण्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रबंधन प्रभावित गेट का मरम्मत तथा अन्य गेटों का रखरखाव करने में असमर्थ है। परियोजना सूत्रों के अनुसार, श्री पंकज ने कहा कि परियोजना प्रबंधन द्वारा अर्थाभाव के कारण गेटों का मरम्मत एवं सुधार कार्य करने के लिए पावर फाइनान्स कॉर्पोरेशन के साथ साथ अन्य ऋणदाताओं से यथाशीघ्र फण्ड मुहैया करने के लिए आग्रह किया गया है, यह आगाह करते हुए कि यदि इस संदर्भ में शीघ्र कारवाई नहीं कि गई तो आने वाले दिनों में महेश्वर बांध की सुरक्षा पर औऱ अधिक खतरा मंडरा सकता है और इसके लिए परियोजना प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा। ज्ञात हो कि लगभग एक सप्ताह पूर्व हाइड्रोलिक सिलिंडर टूटने के कारण महेश्वर बांध का गेट न. 20 अपने जगह से लगभग साढ़े चार मीटर नीचे खिसक गया है तथा प्रत्येक दिन 300 मिलीमीटर नीचे खिसकता जा रहा है। मामले का पता लगने के पश्चात महेश्वर परियोजना प्रबंधन द्वारा प्रभावित स्थल का एस ई डब्ल्यू कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण करवाया गया। तकनीकी विशेषज्ञों ने निरीक्षण के पश्चात अपनी टिप्पणी में कहा कि महेश्वर बान्ध के गेटों का निर्माण अनिश्चित काल तक इसे हवा में लटका कर रखने के लिए नहीं किया गया था तथा उन्होंने अपने टिपण्णी में समय समय पर इन गेटों के रखरखाव को भी आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि घटना स्थल का तकनीकी निरीक्षण करने के पश्चात गेट के मरम्मत एवं पुनर्स्थापन के लिए एस ई डब्लू कंपनी द्वारा 6.50 करोड़ की राशि मांगी गई है, जिसकी सूचना पावर फाइनान्स कॉर्पोरेशन एवं अन्य ऋणदाताओं तक पहुंचा दी गयी है। परियोजना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आज घटना स्थल के निरीक्षण के पश्चात बड़ी संख्या में परियोजना के कर्मचारी एवं कामगार प्रबंध निदेशक से मिलकर उनके बकाये वेतनों के अतिशीघ्र भुगतान का आग्रह करते हुए कहा कि पिछले कई महीनों से तनख्वाह नहीं मिलने के कारण उन्हें घोर आर्थिक संकटों का सामना करना पर रहा है। श्री पंकज ने कहा कि वे कर्मचारियों की समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं, पर वे ऋणदाताओं द्वारा फण्ड मुहैया नहीं किये जाने के कारण, कुछ भी करने में असमर्थ हैं। हालांकि उन्होंने राज्य सरकार द्वारा 10-सदस्यीय कमिटी के गठन तथा कमिटी द्वारा 6 सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का हवाला देते हुए कहा कि आगामी 6 हफ्तों के अन्दर कर्मचारियों के बकाए वेतनों के भुगतान के संबंध में आवश्यक रूप से कोई निर्णायक कदम उठाए जाएंगे, जैसा कि उन्हें ऋणदाताओं द्वारा आशस्वत किया गया है।
