परभणी लोकसभा सीट: 5वीं बार शिवसेना को फतह की आस

परभणी महाराष्ट्र के मराठवाड़ा रीजन का चौथा सबसे बड़ा शहर है. यहां स्थित दरगाह काफी प्रसिद्ध है. जहां लाखों की संख्या में लोग आते हैं. लोकसभा चुनाव 2019 में परभणी सीट पर 18 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान हुआ है. यहां 1952 से लेकर 1984 तक कांग्रेस और पीजेंट एंड वर्कर पार्टी ऑफ़ इंडिया का ही कब्जा रहा. 1967 और 1971 में शिवाजी राव देशमुख लगातार जीते. 1977 में शेषराव देशमुख दोबारा पीजेंट एंड वर्कर पार्टी ऑफ़ इंडिया से जीतने में सफल रहे. 1980 और 1984 में रामराव नारायणराव यादव जीते लेकिन 1989 में शिवसेना के अशोक राव देशमुख ने इस कड़ी को तोड़ा और जीत दर्ज की. इसके बाद शिवसेना ने लगादार दो और जीत दर्ज कीं. अशोक राव ने फिर 1991 में भी चुनाव जीता. 1996 में शिवसेना से ही सुरेश जाधव फिर चुने गए.
हालांकि 1998 में कांग्रेस के सुरेश वारपुडकर चुनाव जीत गए. लेकिन फिर इसके बाद शिवसेना ने वापसी की और 2014 तक पीछे मुड़कर नहीं देखा. लिहाजा यह शिवसेना की सीट कही जाने लगी. लगातार 4 बार चुनाव जीतने के बाद 2019 में फिर शिवसेना को जीत की उम्मीद है. वहीं पिछले चार बार से इस लोकसभा सीट पर जीत की आस देख रही कांग्रेस जोर शोर से जीत के लिए मेहनत कर रही है.
लोकसभा चुनाव 2019 में शिवसेना ने मौजूदा सांसद संजय जाधव को चुनाव मैदान में उतारा है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने राजेश उत्तम राव को अपना प्रत्याशी बनाया है. वहीं बहुजन समाज पार्टी ने (बसपा) वैजनाथ सीताराम को टिकट दिया है. इनके अलावा वंचित बहुजन आघाडी से आलमगीर मोहम्मद खान चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं. 4 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में इस बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
1998 के बाद से शिवसेना ने यहां पीछे मुड़कर नहीं देखा. 4 बार से यहां शिवसेना सांसद हैं. 1998 के बाद से शिवसेना ने यहां पीछे मुड़कर नहीं देखा. 4 बार से यहां शिवसेना सांसद हैं. 1998 के बाद से शिवसेना ने यहां पीछे मुड़कर नहीं देखा. 4 बार से यहां शिवसेना सांसद हैं.
18 अप्रैल को दूसरे चरण में हुए मतदान के बाद 23 मई को यहां के परिणाम घोषित किए जाएंगे. परभणी लोकसभा सीट पर 2019 में 58.50 प्रतिशत मतदान हुआ जो कि 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर हुए 63.49 प्रतिशत वोटिंग से काफी कम है.
2014 में शिवसेना की चौथी लगातार जीत
2014 के लोकसभा चुनाव में संजय हरिभाऊ जाधव चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) के प्रत्याशी विजय भांबले को हराया. संजय हरिभाऊ जाधव को 5,78, 455 वोट मिले जबकि विजय भांबले को 4,51,300 वोट ही हासिल कर सके.
