हिंदुस्तान की सरजमीं को रोशन कर रही है ख़्वाजा साहब की दरगाह 

इन्दौर । अजमेर में ख़्वाजा साहब की दरगाह आज भी हिन्दुस्तान की सरजमी को रोशन कर रही है। ख़्वाजा गरीब नवाज़ के दर से रूहानी सुकून हासिल होता है और इंसानियत का पैग़ाम मिलता है।
उक्त विचार मौलाना नियाज़ुल क़ादरी साहब ने संस्था नक्शबंदी द्वारा आयोजित जश्ने मालिके हिन्दोस्तां में व्यक्त किये। संस्था नक्शबंदी के अध्यक्ष बंटी टापिया ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया इंदौर से 9 बसों से ज़ायरीनों ने अजमेर दरगाह पर तिरंगे झंडे के साथ जुलूस के साथ चादर पेश कर देश की ख़ुशहाली की दुआ मांगी और जश्ने मालिके हिन्दोस्तां धूमधाम से मनाया। शहर क़ाज़ी डॉ. इशरत अली साहब और मुफ़्ती हबीब यार खां साहब की सरपरस्ती में महफ़िल सजी, जिसमें हाफ़िज़ अनवार रेहानी ने नूरानी कलाम पेश किए। तक़रीबन 10 मस्जिद के इमाम साहेबान ने शिरकत की, जिसमें प्रमुख रूप से हाफ़िज़ शरीफ़ रज़वी, हाफ़िज़ सुलतान साहब, हाफ़िज़ एजाज़ रज़वी, हाफ़िज़ मुबारिक साहब, हाफ़िज़ अब्दुल अजीज साहब ने शिरकत कर महफ़िल की रौनक बढ़ाई। दो बिरादरी के सदर भी मौजूद थे। छीपा देहलवी समाज के अध्यक्ष हाजी अनवर देहलवी और रंगरेज बिरादरी के अध्यक्ष ज़ाहिद भाई का कमेटी द्वारा इस्तक़बाल भी किया गया। 
इंदौर के अलावा राजस्थान के कोटा, डग, चित्तोड़गढ़ व अन्य क्षेत्र के 900 ज़ायरीनों ने जश्ने मालिके हिन्दोस्तां को धूमधाम से मनाया।सभी का साफा बांधकर बंटी टापिया ने स्वागत किया।गौरतलब रहे संस्था नक्शबंदी द्वारा अजमेर दरगाह की ज़ियारत का ये सफर निशुल्क करवाया गया। ज़ायरीनों के आने-जाने, खाने-पीने, ठहरने आदि का खर्च संस्था नक्शबंदी ने वहन किया। संस्था नक्शबंदी के अध्यक्ष बंटी टापिया इंसानियत की ख़िदमत के जज़्बे से सेवा कार्य भी कर रहे हैं। गरीब बेटियों की शादी और परेशान, बीमार लोगों की मदद के लिए संस्था सहयोग करती है। संस्था के पास जो भी मदद के लिए पहुंचता है उसकी भरपूर मदद की जाती है, कोई निराश नहीं लौटता है।

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