अलवर गैंगरेप केस- पीड़ितों से बोली पुलिस, चुनाव तक चुप रहो, बीकानेर में भी हैवानियत

प्रदेश में अलवर गैंगरेप केस तूल पकड़ चुका है. गैंगरेप केस में पुलिस का भी भयावह चेहरा सामने आया है. प्रदेश में धरने-प्रदर्शनों का दौर शुरू हो चुका है. मानवाधिकार आयोग ने सीएस और डीजीपी को नोटिस थमाया है. अलवर के बाद बीकानेर में भी गैंगरेप की घटना सामने आई है. प्रदेश की महिला मंत्री ने प्रचार की खातिर गैंगरेप पीड़िता की पहचान उजागर कर दी. प्रदेश में सियासत का पारा थमा तो गर्मी का चढ़ गया. प्रदेश की राजधानी जयपुर से प्रकाशित होने वाले विभिन्न समाचार-पत्रों में आज के अंक में अलवर गैंगरेप से जुड़ी सुर्खियां ही छाई हुई हैं.
दैनिक भास्कर ने गुरुवार के अपने अंक में अलवर गैंगरेप के पूरे मामले की पड़ताल करते हुए बताया है कि गैंगरेप 26 अप्रैल को हुआ. 2 मई को केस दर्ज किया गया. 4 मई को वीडियो वायरल हुआ, लेकिन पुलिस ने पीड़ितों से कहा चुनाव तक चुप रहो. अखबार ने इस केस में आज 'हे सरकार ! यौन उपद्रवियों को तो कोर्ट सजा देगा, पुलिस के जघन्य अपराध का कौन करेगा न्याय ?' शीर्षक से विशेष टिप्पणी भी प्रकाशित की है. अखबार ने दौसा में हुई दिल दहला देने वाली खबर में बताया है कि वहां दो दिन पहली जन्मी बच्ची को उसकी मां ने ही पानी में डूबोकर मार डाला.
राजस्थान पत्रिका ने भी अलवर गैंगरेप केस को प्रमुखता से उठाते हुए बताया कि बीकानेर के नोखा इलाके में भी ऐसा ही मामला सामने आया है. वहां भी दरिंदे एक विवाहिता को उठाकर ले गए और चार दिन तक विभिन्न शहरों में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया. चार दिन बाद पीड़िता को उसके पिता के घर पटक गए. अलवर गैंगरेप मामले में प्रदेश की महिला मंत्री ने प्रचार की खातिर पीड़िता की पहचान उजागर कर दी. अखबार ने प्रदेश में बढ़ रही गर्मी की तपीश पर समाचार प्रकाशित कर बताया है कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है.
अंग्रेजी समाचार-पत्र THE TIMES OF INDIA ने भी अलवर गैंगरेप केस को लेकर प्रदेश में हो रहे धरने-प्रदर्शनों की खबर को विस्तार से कवर किया है. अखबार ने भीम आर्मी चीफ के हवाले से कहा है कि गैंगरेप के आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए. वहीं अखबार ने उदयपुर दुल्हन अपहरण कांड का फॉलोअप करते हुए बताया है कि इस केस में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
 

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