अवैध कनेक्शन को वैध करने को ड्रेनेज लाइन की फीस 10 हजार घटाई, सालभर में 40 हजार नए कनेक्शन लगे

सूरत . महानगर पालिका ने अवैध ड्रेनेज लाइनों को वैध करने के लिए कनेक्शन की फीस 15000 रुपए से घटाकर 5000 रुपए की तो एक साल में लोगों ने 40 हजार नए कनेक्शन लिए। इसके लिए पहले के सभी नियमों को रद्द कर नई पाॅलिसी के तहत कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इनमें 70 प्रतिशत कनेक्शन ग्रामीण और बाहरी इलाकों के हैं।
ड्रेनेज में अवैध रूप से लाइन जोड़ने से पाइपों में क्षमता से ज्यादा गंदा पानी जा रहा था। कभी-कभी यह ओवरफ्लो हो जाता था। शहर में कई जगहों पर ड्रेनेज का गंदा पानी पीने के पानी में भी मिल जाता था। मनपा के नए नियमों के अनुसार वर्ष 2011 से पहले बने मकानों को नए कनेक्शन लेने पर इसका फायदा होगा। कनेक्शन के लिए प्रति वर्ग मीटर 500 रुपए तक शुल्क ले रहे हैं। 

दो वर्ष में आई थी अवैध ड्रेनेज लाइन की 10 हजार शिकायतें : मनपा अधिकारियों का कहना है कि नए नियमों से करीब 10 लाख लोगों को फायदा होगा। सेंट्रल जोन की सोसायटियों में प्राथमिकता के अाधार पर नए ड्रेनेज कनेक्शन जोड़ने की कार्रवाई चल रही है। पिछले दो वर्ष में ड्रेनेज लाइन के खराब होने और ओवरफ्लो की 10 हजार से ज्यादा शिकायतें अाने के बाद मनपा ने जांच में पाया कि शहर में ड्रेनेज के करीब 30 प्रतिशत कनेक्शन अवैध हैं। इन्हें ठीक करने का कोई तरीका नहीं है। दो दशक पहले जो कनेक्शन लिए गए थे उनका कोई रिकाॅर्ड मनपा के पास नहीं है। शहर का विस्तार होने के साथ ही अवैध कनेक्शनों की संख्या बढ़ती गई है। कनेक्शन लेने की प्रक्रिया जटिल होने से लोग ठेकेदारों की मदद से अवैध पाइप ड्रेनेज की लाइनों में जोड़ लेते थे। 

अवैध कनेक्शन से पीने के पानी के साथ मिल जाता था ड्रेनेज का पानी : मनपा ने अधिकांश जगहों पर पानी और ड्रेनेज की लाइन एक साथ लगाई हैै। ऐसे में ड्रेनेज में ओवरफ्लो होने या लाइन में लीकेज होने की वजह से पीने के पानी के साथ ड्रेनेज का पानी मिल जाता था। यह समस्या पूणा, वराछा, अश्वनीकुमार और कतारगाम इलाके में ज्यादा होती थी। अधिकतर ड्रेनेज लाइनों की मरम्मत करने के बाद इस तरह की शिकायतों में कम अाई है। 

Leave a Reply