नये प्रारुप से कठिन हुआ विश्वकप

लंदन । आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 इस बार बदले हुए प्रारुप में खेला जाएगा। 27 साल बाद राउंड रॉबिन और नॉकआउट प्रारुप के नियम के तहत खेले जाने के कारण क्रिकेट के इस महाकुंभ से मुकबला कड़ा हो जाएगा और शीर्ष टीमों के लिए यह आसान नहीं रहेगा। यह प्रारुप बेहद मजेदार है क्योंकि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। यही नहीं, इसमें किसी टीम को कमजोर या हल्के में नहीं लिया जा सकता। आखिर बराबर मौके मिलने के कारण हर टीम का जोश बढ़ता है और वह विरोधी टीम को हरा सकती है। इसमें भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान जैसी टीमें प्रबल दावेदार हैं पर नये प्रारुप में कमजोर टीमें अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश जैसी टीमें भी उलटपफेर कर सकती हैं।
1992 विश्व कप में लागू हुआ था अंतिम बार
1992 विश्व कप में नौ टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट के तहत नंबर 1 न्यूजीलैंड और नंबर 4 पाकिस्तान की टक्कर हुई, जिसमें पाक टीम ने जीतकर फाइनल में कदम रखा जबकि नंबर 2 पर रहने वाली इंग्लैंड टीम ने नंबर 3 दक्षिण अफ्रीका को 20 रन हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनायी थी।
राउंड रॉबिन और नॉकआउट फॉर्मेट में सभी टीमें आपस में मुकाबले खेलती हैं। 2019 विश्व कप में कुल 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं और ये सभी एक-दूसरे के खिलाफ मैच खेलेंगी। सभी दस टीमों को 9-9 मैच खेलने का मौका मिलेगा और शीर्ष की चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएंगी। इसके बाद यहां नॉकआउट दौर शुरू होता है यानि एक मैच हारते ही टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। अंक तालिका में नंबर एक पर रहने वाली टीम की नंबर 4 से तो नंबर 2 और नंबर 3 की भिड़ंत होगी। दोनों मैचों की विजेता टीमों को फाइनल खेलने का मौका मिलेगा।
