प्रदेश कांग्रेस में कई पदाधिकारी दो पदो पर

जयपुर । कांग्रेस पार्टी के भीतर एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को लागू करने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड लिया है प्रदेश में दो चरणों में लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद इस बात की चर्चाएं तेज हो गई है पार्टी में चर्चा इस बात की ये क्या अब एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत पार्टी में लागू होगा या नहीं, दरअसल ये मांग पार्टी के भीतर विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद उठने लगी थी जब राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री का पद संभालते ही संगठन के पद से इस्तीफा दे दिया था वहीं एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को लोकसभा चुनाव तक टाल दिया गया था जिसकी मांग अब फिर से उठने लगी है बताया जाता है कि पार्टी में तीन दर्जन नेता ऐसे है जो दो दो पदों पर बने हुए है। बताया जाता है कि लोकसभा चुनाव का परिणाम भले ही कुछ भी हो, लेकिन प्रदेश कार्यकारिणी, फेरबदल होना तय है इसमें जो पदाधिकारी सत्ता और संगठन दोनों में जिम्मेदारी निभा रहे है, उनसे संगठन की जिम्मेदारी वापस लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बेहत्तर काम करने वालों को उन पदों पर नियुक्त किया जाएगा इसके अलावा नए लोगों को भी मौका दिया जा सकता है। प्रदेश कांग्रेस के छह उपाध्यक्ष ऐसे है जो गहलोत सरकार में मंत्री है इनमें पांच कैबिनेट और एक राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार है इसमें विश्वेन्द्र सिंह, मां भंवर लाल मेघवाल, रघु शर्मा, प्रमोद जैन भाया और उदयलाल आंजना है जबकि गोविन्द सिंह डोटासरा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार है वहीं प्रदेश कांग्रेस के तीन उपाध्यक्ष विधायक है इनमें खिलाडी बैरवा, अशोक बैरवा, महेन्द्रजीत सिंह मालवीय है इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री मुरारीलाल मीणा विधायक, महेन्द्र चौधरी सरकारी उप मुख्य सचेतक है वहीं प्रदेश कांग्रेस की सचिव जाहिदा खान, प्रशांत बैरवा, दानिशा अबरार, अमीन कागजी, रोहित बोहरा, चेतन डूडी, कृष्णा पूनिया, इन्द्रराज गुर्जर पार्टी के विधायक है एक और सचिव अर्जुन बामनिया भी सरकार में राज्यमंत्री है।
