134ए के तहत गरीब बच्चों को पढ़ाने की एवज में स्कूलों को मिले 36 करोड़, खत्म हो गया टकराव

हरियाणा सरकार ने 134ए के तहत गरीब बच्चों को पढ़ाने को लेकर चल रहा निजी स्कूलों के साथ टकराव सिरे से खत्म कर दिया है। मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग ने गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने के लिए निजी स्कूलों को चार शैक्षणिक सत्र के 35 करोड़ 97 लाख 18 हजार 300 रुपये जारी कर दिए। 22 जिलों के निजी स्कूलों को सरकार ने नियम-134ए के तहत यह राशि बतौर फीस प्रतिपूर्ति जारी की है।
निजी स्कूल संचालक लंबे समय से यह राशि जारी करने की मांग कर रहे थे। स्कूल संचालकों ने गरीब छात्रों को इस बार दाखिला देने से भी मना कर दिया था। अनेक जगह स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में टकराव भी हुआ। इस पर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र चौधरी ने हस्तक्षेप करते हुए सीएम से बातचीत की। इस पर सीएम ने चुनाव के दौरान अपने प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को मामला सुलझाने का जिम्मा सौंपा। खुल्लर से बैठक के बाद निजी स्कूल संचालकों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।

लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होने के बाद सीएम मनेाहर लाल ने खुद स्कूल संचालकों के साथ बैठक कर पूरे मामले को खत्म करा दिया। मंगलवार को राशि भी शिक्षा निदेशालय से जारी हो गई। डीईओ को स्कूल अनुसार राशि वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पानीपत जिले को सबसे अधिक फीस प्रतिपूर्ति
सरकार ने अंबाला जिले को 2015-16, 2016-17 व 2017-18 व 2018-19 के लिए 52 लाख 8 हजार, भिवानी जिले को 80 लाख 61 हजार 600, चरखी दादरी को 1 करोड़ 11 लाख 90 हजार 400, फरीदाबाद को 13 लाख 15 हजार 200, फतेहाबाद को 2 करोड़ 14 लाख 98 हजार, गुरुग्राम को एक करोड़, हिसार को 2 करोड़ 20 लाख 28 हजार 700 रुपये, झज्जर को 97 लाख 15 हजार 800, जींद को 2 करोड़ 37 लाख 8 हजार 400, कैथल को 3 करोड़ 78 लाख 29 हजार, करनाल को 3 करोड़ 87 लाख 85 हजार 600, कुरुक्षेत्र को 3 करोड़ 6 लाख 42 हजार 400, महेंद्रगढ़ को 82 लाख 87 हजार 600, मेवात को 10 लाख 23 हजार 400, पलवल को 1 करोड़, पंचकूला को 75 लाख 32 हजार 400, पानीपत को 4 करोड़ 16 लाख 20 हजार 800, रेवाड़ी को 1 करोड़, रोहतक को 71 लाख 42 हजार 200, सिरसा को 1 करोड़, सोनीपत को 3 करोड़ 60 लाख 92 हजार 400 व यमुनानगर को 80 लाख 36 हजार 400 रुपये जारी किए गए हैं।
इस दर से हुई प्रतिपूर्ति
2015 से 2018 तक दूसरी से पांचवीं कक्षा के ग्रामीण छात्रों के लिए दो सौ रुपये, छठी से आठवीं कक्षा के ग्रामीण छात्रों के लिए 300 रुपये, शहरी क्षेत्र के छात्रों को पढ़ाने के लिए दूसरी से पांचवीं कक्षा तक 300 व छठी से आठवीं कक्षा के लिए 400 रुपये, 2018-19 में ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को दूसरी से पांचवीं तक पढ़ाने के लिए 300 रुपये, छठी से आठवीं तक पढ़ाने के लिए 500 रुपये और शहरी क्षेत्र के छात्रों को मुफ्त पढ़ाने पर दूसरी से पांचवीं तक पांच सौ रुपये व छठी से आठवीं कक्षा तक 700 रुपये प्रदान किए गए हैं। यह राशि प्रति छात्र है।

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