ये स्टार खिलाड़ी नहीं जीत पाये विश्वकप 

विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा रहना हर क्रिकेटर का सपना रहता है पर कई ऐसे दिग्गज क्रिकेटर रहे हैं जो अपनी टीम के लिए ये खिताब नहीं जीत पाये हैं। जिसका मलाल अब भी इन क्रिकेटरों को है। विश्व क्रिकेट में ऐसे ही 10 दिग्गज क्रिकेटर हैं जिन्होंने अपनी टीम को कई बार मैच जिताये और आज तक इनका नाम सम्मान से लिया जाता है पर ये अपनी टीम के लिए विश्व कप नहीं जीत सके। 
ब्रायन लाराः वेस्टइंडीज के स्टार बल्लेबाज ब्रायन लारा ने ने 1002 में पहला विश्व कप खेला, इसके बाद चार और विश्व कप खेले लेकिन वह वेस्टइंडीज को कभी विश्व कप नहीं जितवा पाए। उनका सबसे बढ़िया प्रदर्शन 1996 में रहा जब उनकी टीम सेमी फाइनल में पहुंची। वह एक ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्हें कभी अपनी टीम का सहयोग नहीं मिला। कैरिबियाई क्रिकेटरों में एक खास श्रेणी में गिने जाने वाले लारा से पहले बहुत ही कम खिलाड़ियों ने एकदिवसीय में 10 हजार रन का आंकड़ा पार किया था। वह अब भी इस सूची में 10वें नंबर पर हैं। 299 एकदिवसीय में उनके नाम तीन बार 150 से ज्यादा का स्कोर है। वह उन कुछ खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने यह स्कोर हासिल किया। 
राहुल द्रविड़ः पिछले साल राहुल द्रविड़ का आईसीसी हाल ऑफ फेम में सम्मान किया गया। 1999 में अपना पहला विश्व कप खेलते हुए राहुल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। 2003 में भी वह विश्व कप खेले, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया। 2007 में राहुल टीम के कप्तान थे पर टीम को करारी हार झेलनी पड़ी। 
सर रिचर्ड्स हेडलीः 80 के दशक में हेडली दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज माने  जाते थे। वह पहले ऑलराउंडर थे जिन्होंने सबसे पहले एकदिवसीय क्रिकेट में 100 विकेट और 1000 रन बनाए थे। हेडली ने 1979 और 1983 में विश्व कप खेला पर वह कभी भी ट्रॉफी के करीब नहीं पहुंच सके। 
जैक कैलिसः क्रिकेट इतिहास में सर गैरी सोबर्स के बाद जिस खिलाड़ी को बेहतरीन ऑलराउंडर माना जाता है, वह है दक्षिण अफ्रीका के जैक कैलिस। कैलिस ने 1996 में अपना पहला विश्व कप खेला। कैलिस ने पांच विश्व कप खेले। 1999 और 2007 में वह ट्रॉफी के करीब पहुंच गए थे लेकिन जीत नहीं सके।
कुमार संगकाराः श्रीलंका के कुमार संगकारा ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की। लगातार दो विश्व कप फाइनल खेले, लेकिन कप जीतना शायद उनके भाग्य में नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 700 से ज्यादा शिकार बनाने वाले कुमार संगकारा की टीम 2011 के फाइनल में भारत के हाथों पराजित हो गयी।  तीन विश्व कप खेलने वाले श्रीलंका के संगकारा 2015 विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वालों में दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने 7 मैचों में चार शतक समेत 541 रन बनाए पर टीम को खिताब नहीं दिला सके। उससे पहले 2007 और 2011 विश्व कप में टीम को बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद फाइनल में हार झेलनी पड़ी थी। 
एबी डिविलियर्सः दक्षिण अपफ्रीका के स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने लगभग एक दशक उन्होंने पूरी दुनिया को अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया है। मिस्टर 360 डिग्री के नाम से मशहूर एबी मैदान के कोने में शॉट जड़ने के लिए जाने जाते हैं।  डिविलियर्स ने 2007, 2011 और 2015 के विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व किया लेकिन ट्रॉफी जीत नहीं पाये। 
सौरव गांगुलीः सौरव गांगुली की आक्रामकता और जुनून ने भारतीय टीम में एक नया उत्साह भरा। गांगुली ने तीन विश्व कप में हिस्सा लिया। 2003 में वह भारत के कप्तान रहे। इसके बावजूद वह कभी खिताब नहीं जीत पाए। 2003 में भारत की टीम फाइऩल में पहुंची, पर आस्ट्रेलिया से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान गांगुली 1999 से 2007 के बीच तीन विश्व कप का हिस्सा बने। उन्होंने 2003 में ही तीन शतक लगाये थे। विश्व कप के 22 मैचों में 55.88 की औसत से उनके नाम पर 1006 रन दर्ज हैं।
महेला जयवर्धनेः श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20,000 से अधिक रन बनाए। 2007 के विश्व कप में उन्होंने श्रीलंका टीम की कप्तानी की, जहां फाइऩल में उन्हें आस्ट्रेलिया ने हरा दिया। इसके बाद उन्होंने कुमार संगकारा को कप्तानी सौंप दी। 2011 के विश्व कप में जयवर्धने ने क्रिकेट इतिहास की सबसे शानदार पारी खेली, लेकिन टीम को फिर भी जीत नहीं दिला पाए। 
सर इयान बॉथमः इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर इयान बाथम 80 के दशक में क्रिकेट के हीरो थे। बॉथम ने इंग्लैंड को कई महत्वपूर्ण विजय दिलवाई पर विश्व कप नहीं पा सके। बाथम ने 1987 और 1992 के विश्व कप में भाग लिया। 1992 में टीम फाइनल में पाकिस्तान से हार गई। अपने ऑलराउंड खेल के कारण उन्हें हमेशा खतरा माना जाता रहा। वह शीर्ष और मध्य क्रम के बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूटते थे। 1992 विश्व कप में उनका प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा। उन्होंने 10 मैच में 16 विकेट झटके पर फाइनल में सिर्फ एक विकेट ले सके। तब इंग्लैंड टीम को पाक से 22 रन से हार का सामना करना पड़ा।
वकार यूनुस: सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शामिल वकार चोटिल होने से 1992 में पाक की विश्व कप जीत का हिस्सा नहीं बन सके। उसमें वसीम अकरम शीर्ष गेंदबाज रहे थे हालांकि, वकार पर डेथ ओवर में हिट करना लगभग नामुमकिन था। एक मैच में पांच विकेट सबसे ज्यादा उनके नाम पर हैं। वह 1999 विश्व कप टीम का भी हिस्सा थे पर टीम फाइनल में हार गई। 
लांस क्लूजनर: दक्षिण अफ्रीका के मशहूर ऑलराउंडर लांस क्लूजनर ने 1999 में विश्व कप में हिस्सा लिया था। इसमें टीम सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई थी। हालांकि अपने शानदार प्रदर्शन से वह स्लूजनर 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' चुने गए थे। इतना ही नहीं, उसके बाद 2000 में वह 'विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर' भी चुने गए।
ग्राहम गूच: इंग्लैंड के गूच ने तीन विश्व कप में हिस्सा लिया लेकिन खिताब जीतने का मौका नहीं मिला। तीनों बार इंग्लैंड फाइनल में हार गयी। 1992 में तो उनकी कप्तानी में टीम फाइनल तक पहुंची। 1987 में मुंबई में सेमीफाइनल में भारत पर जीत में उनका शतक इंग्लैंड की सबसे बेहतरीन विश्व कप पारियों में गिना जाता है। 

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