GNDH अमृतसर में दवाइयों की कमी से तीन नवजात बच्चों की मौत, मां गंभीर

 गुरु नानक देव अस्पताल (GNDH) में एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया, लेकिन उसकी ये खुशी ज्यादा समय नहीं रही। अस्पताल में दवाइयों की कमी से उसके तीनों बच्चों की मौत हो गई और अब महिला की हालत भी गंभीर बनी हुई है। जिस अस्पताल में महिला की फ्री डिलीवरी होनी चाहिए, वहां उसका पति अब तक 70 हजार रुपये खर्च चुका है।

दरअसल, 23 वर्षीय पूजा नामक गर्भवती महिला को करीब 10 दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर गुरु नानक देव अस्पताल स्थित गायनी वार्ड में दाखिल करवाया गया था। जौड़ा फाटक क्षेत्र में रहने वाली पूजा के पति दीपक के अनुसार पिछले सप्ताह ही पूजा ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया। एक बेटी थी, जबकि दो बेटे। ये बच्चे सातवें महीने में पैदा हुए थे, यानी प्रीमेच्योर थे। ऐसे में बच्चों को पीडएट्रिक वार्ड स्थित मशीनों में रखकर ट्रीटमेंट दिया जाने लगा। एक बच्चा अगले दिन ही दम तोड़ गया, जबकि शेष दो बच्चे तीन दिन बाद जिंदगी को अलविदा कह गए।

डॉक्टरों के अनुसार एक बच्चे की छाती में इंफेक्शन था, जबकि दो बच्चों के पेट में सूजन थी। दीपक के अनुसार बच्चों का सही इलाज नहीं किया गया। अस्पताल से दवाइयां भी नहीं मिल पाईं, जिस कारण उसके बच्चों ने दम तोड़ दिया। अब मेरी पत्नी भी जिंदगी व मौत के बीच जूझ रही है। वह अस्पताल के आइसीयू में एडमिट है। वह अपनी पत्नी के इलाज में अब तक 70 हजार रुपये खर्च कर चुका है। उसने कहा कि दिहाड़ीदार हूं। अब इतनी हिम्मत नहीं कि निजी मेडिकल स्टोर्स से दवाएं खरीदकर उसे खिला सकूं। मैंने डॉक्टर से गुहार लगाई थी कि अब पूजा को अस्पताल से छुट्टी दे दो। दूसरी तरफ पूजा की हालत इतनी गंभीर है कि डॉक्टर चाहकर भी उसे छुट्टी नहीं दे सकते। 

 

उधर, गायनी वार्ड नंबर 3 की इंचार्ज डॉ. बलविंदर कौर के अनुसार अस्पताल की डिस्पेंसरी में दवाएं नहीं हैं और पूजा का पति दीपक दवाएं खरीदने में असमर्थ है। अस्पताल में एंटीबायोटिक दवाओं के साथ-साथ बेसिक दवाओं का अभाव है। ग्लव्ज तक नहीं मिलती। इस संदर्भ में अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को कई बार पत्र लिखे, पर गायनी विभाग में दवाएं उपलब्ध नहीं करवाई गईं।

जननी सुरक्षा योजना तोड़ गई दम

 

गुरु नानक देव अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना दम तोड़ गई है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं एवं उनके नवजात शिशुओं का नि:शुल्क उपचार करने का प्रावधान है। पूजा का पति दीपक ने कहा कि यहां उसे एक भी दवा नहीं मिली।

हमें दवाएं पूरी नहीं मिलतीं : एमएस

 

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. शिवचरण का कहना है कि जननी सुरक्षा योजना के तहत 200 प्रकार की मेडिसिन सेंक्शन है, पर वर्तमान में हमें 35 प्रकार की मेडिसिन ही मिल रही हैं। मैं यह मुद्दा चंडीगढ़ में अगले माह होने वाली रिव्यू मीटिंग में उठाऊंगा, ताकि गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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