मुझे लावारिस समझ नाले में फेंक देना’ लिख शूगर के मरीज ने फंदा लगा दी जान

शूगर की बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति ने लावारिस समझ उसे नाले में फेंक देने की बात सुसाइड नोट पर लिख फंदा लगा अपना जीवन खत्म कर ली। कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से कुछ दूरी पर रेलवे के बिजली पोल (428/25) पर रस्सी से फंदा लटका उसका शव मिला है। बताते हैं कि सोमवार सुबह चार बजे के करीब रेलवे ट्रैक के पास रोज की तरह लोग रनिंग कर रहे थे। लोगों की नजर उक्त बिजली के पोल पर पड़ी तो देखा वहां एक शव लटका हुआ था। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी तो बीस मिनट बाद जीआरपी मौके पर पहुंची। जीआरपी मुलाजिमों ने शव को पोल से उतारा। सफेद-काली धारीदार शर्ट और नीले रंग की पैंट पहने हुए मृतक के दोनों पैरों के अंगूठे समेत कई उंगलियों में जख्म थे। उसके कपड़े चैक करने पर पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट मिला।
उसमें लिखा हुआ था – मैं अपनी शूगर की बीमारी से तंग आ गया हूं। मेरे दोनों पैर चलने लायक नहीं रहे। मुझे तकलीफ में जीना पड़ रहा है। कोई काम नहीं होता। रोटी खाने के लिए भी लोगों को मोहताज हूं। कभी पैसे होते हैं तो कभी नहीं। मुझसे अब यह जिंदगी नहीं गुजर रही। मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। मुझे लावारिस समझ नाले में फेंक देना। (पत्ती राम) थाना जीआरपी के एएसआइ सुखदेव सिंह ने बताया कि मृतक के पास से दूसरी ऐसी कोई चीज नहीं मिली जिससे उसकी पहचान हो सके। हालांकि उसकी पैंट की जेब से मिले सुसाइड नोट के मुताबिक उसका नाम पत्ती राम है। शव को देखने से पत्तीराम की उमर 40 से 45 साल के बीच लग रही है।
एएसआइ ने कहा कि शुरूआती जांच के मुताबिक मामला आत्महत्या का लग रहा है। मृतक के पैरों के जख्मों से लगता है कि वह शूगर का मरीज था और उसने इसी से तंग आकर आत्महत्या की हो। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए मृतक की पहचान होने तक शव को अगले 72 घंटों के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
