एनसीआर में 20 दिन से जारी जल संकट सोमवार से होगा खत्म

गाजियाबाद । गाजियाबाद और नोएडा शहर में करीब करीब 20 दिन से चला आ रहा पानी का संकट सोमवार को खत्म हो जाएगा। दशहरा से बंद गंगनहर में शुक्रवार को पानी छोड़ दिया गया। 3 नवंबर को गंगाजल प्लांट तक पानी पहुंचने की उम्मीद है और सोमवार से ट्रांस हिंडन में गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो सकती है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हर साल दशहरा पर सफाई के लिए गंगनहर को बंद किया जाता है और दिवाली के बाद इसे खोला जाता है। इस बार भी 12 अक्टूबर से गंगनहर बंद है। इस कारण इंदिरापुरम के न्याय खंड, वैभव खंड, अभय खंड, अहिंसा खंड, ज्ञान खंड, नीति खंड व शक्ति खंड, डेल्टा कॉलोनी के सूर्य नगर, चंद्र नगर, रामपुरी, बृज विहार व राधाकुंज के अलावा वसुंधरा, वैशाली और सिद्धार्थ विहार में गंगाजल की आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। इंदिरापुरम व डेल्टा कॉलोनी में जलकल विभाग ने नलकूपों से आपूर्ति का दावा किया था, लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इसीलिए इन इलाकों में रहने वाले 10 लाख लोग करीब तीन सप्ताह से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। लोगों को त्योहार पर भी पानी खरीदना पड़ा। गंगाजल प्लांट प्रभारी ब्रह्मानंद ने बताया कि गंगनहर में पानी छोड़ने की जानकारी सिंचाई विभाग से मिली है। हिंडन में भी पानी छोड़ा जाएगा, जिस कारण प्लांट तक पानी पहुंचने में समय लग सकता है। ऐसे में अभी दो दिन समस्या और रहेगी। गंगाजल के प्लांट तक पहुंचने के बाद सोमवार से आपूर्ति शुरू हो सकती है। गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र में पानी की मांग 355 एमएलडी है, जिसमें से 325 एमएलडी की ही आपूर्ति हो पा रही है। ये आंकड़े नगर निगम के हैं। जबकि हकीकत में पानी की मांग 400 एमएलडी पहुंच चुकी है। 325 एमएलडी में से 90 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति होती है और बाकी पानी नलकूप व टंकियों के सहारे नगर निगम देता है। गंगाजल की आपूर्ति बंद होने पर नलकूपों से 90 के बजाय 15-20 एमएलडी की ही व्यवस्था हो पा रही है, इसीलिए प्लांट बंद रहने के दौरान लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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