‘वसुंधरा खुद का नाम बोल देतीं और पर्ची खा जातीं’, बेनीवाल तंज कस्ते हुए, CM घोषणा वाली पर्ची का जिक्र

नागौर: राजस्थान में उपचुनाव को लेकर प्रदेश में बयानबाजी तेज हो गई है। इस बार आरएलपी सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने हॉट सीट खींवसर से अपने भाई नारायण बेनीवाल का टिकट काटकर अपनी पत्नी कनिका बेनीवाल को चुनाव मैदान में उतारा है। बेनीवाल लगातार आरएलपी की जीत के लिए प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान वे सत्ताधारी पार्टी पर आक्रामक तरीके से निशाना साध रहे हैं।

'अपना नाम खुद ही पढ़ लेतीं'

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को एक नुक्कड़ सभा के दौरान सीएम के तौर पर भजनलाल शर्मा के नाम की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने (भाजपा) अपनी दादागिरी दिखाई और जिसे चाहा उसे पर्ची देकर भेज दिया। राजनाथ सिंह ने पर्ची नहीं पढ़ी। मैं कहता हूं कि वसुंधरा की जगह कोई होशियार व्यक्ति होता तो अपना नाम बोलकर पर्ची खा लेता।

खींवसर में त्रिकोणीय मुकाबला

बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाली हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है। वहीं, इस सीट पर कांग्रेस की ओर से पूर्व आईपीएस सवाई सिंह चौधरी की पत्नी रतन चौधरी मैदान में हैं। इसके अलावा भाजपा ने खींवसर से रेवंत राम डांगा को टिकट दिया है।

इन सीटों पर होंगे उपचुनाव

गौरतलब है कि 13 नवंबर को राजस्थान की 7 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। राज्य की रामगढ़ (अलवर), दौसा, झुंझुनू और देवली-उनियारा, खींवसर, चौरासी और सलूंबर सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में इनमें से भाजपा के पास सिर्फ 1 सीट थी, जबकि कांग्रेस के पास 4 सीटें थीं। इसके अलावा एक सीट बीएपी और एक सीट आरएलपी के पास थी।

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