पंजाब कैबिनेट में फेरबदल, नवजोत सिंह सिद्धू का मंत्रालय बदला गया

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कैबिनेट में फेरबदल किया है. इस फेरबदल में नवजोत सिंह सिद्धू का शहरी विकास मंत्रालय बदला गया है. सिद्धू अब ऊर्जा मंत्रालय देखेंगे. कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच लंबे समय से टकराव जारी है. लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों के बीच तल्खी ज्यादा बढ़ गई. कैप्टन ने आरोप लगाय था कि सिद्धू के बयानों के कारण पार्टी को सिर्फ 8 सीटें मिली हैं. अमरिंदर ने हाल में कहा था कि वह लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को देखकर सिद्धू का स्थानीय शासन विभाग बदलना चाहते हैं.
उधर, सिद्धू, कैबिनेट की बैठक में नहीं शामिल हुए. सिद्धू का कहना था कि उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता. सिद्धू ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे हल्के में नहीं लिया जा सकता. मैंने अपने जीवन के 40 साल तक अच्छा प्रदर्शन करके दिखाया है, भले ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात हो या ज्योफ्री बॉयकाट के साथ विश्वस्तरीय कमेंट्री की बात, टीवी कार्यक्रम की बात हो या प्रेरक वार्ता का मामला हो.’’
उन्होंने कहा कि पंजाब में पार्टी की जीत में शहरी इलाकों ने अहम भूमिका निभाई और उनके विभाग पर निशाना साधा जा रहा है. सिद्धू ने कहा, "केवल मेरे विभाग पर सार्वजनिक तौर पर निशाना साधा जा रहा हैं. मैं हमेशा मुझसे बड़ा होने के नाते उनका सम्मान करता हूं. मैं हमेशा उनकी बात सुनता हूं. लेकिन इससे दुख पहुंचता है. सामूहिक जिम्मेदारी कहां गई? वह मुझे बुलाकर वह सब कह सकते थे, जो वह कहना चाहते थे."
अमरिंदर ने 6 माह की डेडलाइन दी
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपनी सरकार की प्रमुख योजनाओं को पूरा करने के लिए छह माह की समयसीमा तय करते हुए, गुरुवार को अपने कैबिनेट सहयोगियों को योजनाओं के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि ऋण माफी, घर-घर रोजगार और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं को लागू करने में देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
