महिला एवं बाल विकास विभाग ने रोकी दो बाल विवाह

बलरामपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग को विगत दिवस दूरभाष के माध्यम से विकासखण्ड शंकरगढ़ के ग्राम पतराटोली दुर्गापुर एवं ग्राम धारानगर (हरिनलेंटा) में बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, तहसीलदार शंकरगढ़ एवं थाना शंकरगढ़ की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर दोनों परिवार के सदस्यों को समझाईश देकर बाल विवाह रोकी गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग बलरामपुर को दूरभाष के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पतराटोली दुर्गापुर थाना शंकरगढ़, बलरामपुर में स्व. चमरु पहाड़ी कोरवा की पुत्री सुमन्ती का बाल विवाह किया जा रहा है। उक्त सूचना पर महिला एवं बाल विकास विभाग, तहसीलदार शंकरगढ़ तथा थाना शंकरगढ़ की टीम के साथ बालिका सुमन्ती के घर जाकर उसका जन्म संबंधी प्रमाण पत्र मांगा गया, परन्तु जन्म संबंधी कोई भी दस्तावेज़ नहीं पाया गया। बालिका सुमन्ती द्वारा अपनी उम्र 15 वर्ष बताया गया। जिस पर तहसीलदार शंकरगढ़ द्वारा बालिका तथा उसके परिवार वालों को बाल विवाह नहीं करने हेतु समझाईश दी गई। परंतु बालिका सुमन्ती से विवाह हेतु वर अजय राम अपना बारात लेकर ग्राम पतरटोली पहुंचा। इसकी सूचना पर पुनः महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम पतराटोली जाकर कर वधू पक्ष को समझाया गया। परन्तु नहीं मानने पर शंकरगढ़ थाना स्टॉप द्वारा दोनों पक्षों के परिजनों को थाने में ले जाया गया। दोनों पक्षों को थाने में पुनः समझाया गया। इसके उपरान्त वर तथा वधु पक्ष के परिजन विवाह नहीं करने तथा आयु पूर्ण होने पर विवाह करने हेतु राजी हुए। दूसरे प्रकरण में बालक राजेश पिता स्व. बुधना जाति पहाड़ी कोरवा निवासी ग्राम-धारानगर (हरिनलेंट) शंकरगढ़ के बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा बालक राजेश के घर जाकर उसके आयु की पूछताछ की गई। आधार कार्ड के अनुसार बालक राजेश की उम्र 15 वर्ष 15 दिन है। विभाग द्वारा ग्राम पंचायत सरपंच की उपस्थिति में बालक के परिजनों को समझाईश दी गई तथा कहा गया कि 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पश्चात ही बालक का विवाह कर सकते हैं। जिससे उसके परिवार जन सहमत हो गये तथा बाल विवाह नहीं कराने हेतु मान गये।
